UP में MLC की दो सीटों को लेकर बीजेपी में मंथन, क्षेत्रीय व जातीय संतुलन पर रहेगा फोकस
उत्तर प्रदेश में एमएलसी की दो सीटें खाली हुईं थीं। इन दो सीटों पर कई दावेदार लगे हुए हैं। हालांकि बीजेपी के रणनीतिकार जातीय और क्षेत्रीय संतुलन कि हिसाब से नाम तलाशने में जुटे हैं।

UP News: उत्तर प्रदेश में भाजपा एमएलसी बनवारी लाल दोहरे के निधन और फरवरी में सिक्किम के राज्यपाल के रूप में लक्ष्मण आचार्य की नियुक्ति के बाद ऊपरी सदन में दो सीटें खाली हो गई थीं। अब इन सीटों पर चुनाव का ऐलान भी निर्वाचन आयोग की तरफ से कर दिया गया है। निकाय चुनाव के जंग के बीच अब बीजेपी में इस बात पर भी मंथन चल रहा है कि वो कौन से दो लोग हैं जो बनवारी लाल दहोहरे और लक्ष्मण आचार्य की जगह भरने के लिए चुनाव लड़ेंगे।
दोनों नेता दलित समुदाय से थे
दोहरे को 6 जुलाई, 2028 को सेवानिवृत्त होना था जबकि लक्ष्मण आचार्य जो यूपी भाजपा के उपाध्यक्ष भी थे उनका कार्यकाल 30 जनवरी, 2027 तक था। गौरतलब है कि दोहरे और आचार्य दोनों दलित समुदाय से हैं। यूपी विधानसभा में अपनी ताकत को देखते हुए भाजपा अपने दो उम्मीदवारों को आसानी से जिता लेगी। नामांकन की प्रक्रिया 22 मई तक पूरी कर ली जाएगी और जरूरत पड़ने पर 29 मई को मतदान कराया जाएगा।
निकाय नतीजों को ध्यान में रखकर होगा नामों पर चुनाव
हालांकि, भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि पार्टी शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजों को ध्यान में रखते हुए दो परिषद सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर सकती है, जो शनिवार को आएंगे। दो उम्मीदवारों के नामों की औपचारिक घोषणा करने से पहले भाजपा क्षेत्रीय और जातीगत समीकरण बैठाने में जुटी हुई है।
भाजपा के टिकट पर कन्नौज से जीते थे दोहरे
आरएसएस में जड़े रखने वाले एक वरिष्ठ भाजपा नेता दोहरे ने 1991 में पहली बार भाजपा के टिकट पर कन्नौज आरक्षित विधानसभा सीट जीतकर अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की, जब राम मंदिर आंदोलन अपने चरम पर था। दोहरे ने 1993 और 1996 के विधानसभा चुनावों में भी सीट जीती थी। हालांकि 2002, 2007, 2012 और 2017 के राज्य चुनावों में लगातार हार गए।
लक्ष्मण आचार्य वाराणसी के पुराने नेताओं में शुमार
आचार्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संसदीय सीट वाराणसी के रहने वाले हैं। भाजपा सूत्रों ने कहा कि पार्टी ने लोकसभा चुनाव के लिए वाराणसी से एक नया चेहरा पेश करने की योजना बनाई थी। लगभग दो महीने पहले यूपी बीजेपी ने अपने काशी क्षेत्र के अध्यक्ष महेश चंद्र श्रीवास्तव को संगठनात्मक ढांचे से हटा दिया था, उनकी जगह दिलीप सिंह पटेल को नियुक्त किया गया था, जो चुनार क्षेत्र के मिर्जापुर के मगरहा गांव से हैं। श्रीवास्तव एमएलसी पद के नामांकन के प्रमुख दावेदारों में से एक थे।












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