भाजपा के घोषणा पत्र पर सपा ने कहा- यूपी नहीं हो सकता गुजरात
सपा प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा कि भाजपा का घोषणापत्र धोखा हैं। उनके चरित्र से उत्तर प्रदेश की जनता परिचित है। कई राज्यों में भाजपा की सरकार होने के बाद भी इस प्रकार की किसी घोषणा का पालन नहीं हुआ।
लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने तमाम वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए घोषणा पत्र जारी किया। भाजपा के घोषणा पत्र पर समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने टिप्पणी की है। सपा के प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने कहा है कि भाजपा ने अपने घोषणापत्र से एक बार फिर झूठ का पुलिंदा जारी किया है।

कहा कि केन्द्र सरकार के लगभग तीन वर्ष के कार्यकाल के दौरान भाजपा ने अपने घोषणा पत्र का खुला माखौल उड़ाया। चौधरी ने कहा कि जनता को झूठे सपने दिखाकर जनमत पाने के बाद पूरी तरह गैर जिम्मेदार और संवेदनहीन व्यवहार करते रहे। भाजपा ने अपने घोषणापत्र में एक बार फिर मंदिर का मुद्दा उठाकर सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने का काम शुरू कर दिया।
कहा कि तीन तलाक का मुद्दा जो पहले से ही सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है उस पर फैसले लेने की बात करना अल्पसंख्यकों के साथ धोखा है।
चौधरी ने कहा कि भाजपा के पास यूपी की जनता के लिये न तो कोई एजेण्डा है और न ही सोच हैं जबकि उत्तर प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री पिछले पांच वर्षो से सभी क्षेत्रों के लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में लगे है। वहीं सपा के घोषणा पत्र का जिक्र करते हुए चौधरी ने कहा कि सपा ने अपने घोषणा पत्र में जिस प्रकार सभी को साथ लेकर समग्र विकास की कल्पना की है, उस रास्ते पर चलकर ही प्रदेश, विकास एवं सामाजिक सद्भाव को मजबूत कर सकता है।
कहा कि भाजपा के घोषणा पत्र में किसानों के लिये जिन वायदों की भाजपा के घोषणापत्र में बात की गयी है उसकी बानगी महाराष्ट्र के भाजपा सरकार में भी देखने को नही मिली। जबकि विदर्भ में बड़ी संख्या में किसान आत्महत्या कर रहे है। प्रधानमंत्री जी जो गुजरात के 12 वर्ष मुख्यमंत्री भी थे, उन्होंने गुजरात में विकास कार्य क्यों नहीं किया ?
वहीं बसपा सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि दो साल से ज्यादा का समय हो गया है कि पर भाजपा अभी सत्ता में हैं और उसने वायदे पूरे नहीं किए हैं। उन्होंने कहा कि कालेधन को वापस लाने का भाजपा ने अपना वादा अभी तक नहीं पूरा किया है। मायावती ने भाजपा पर आरोप लगाया कि मौका पाते ही दलित और आदिवासियों के आरक्षण को तुंरत समाप्त कर देंगे। ये भी पढ़ें: यूपी विधानसभा चुनवा 2017: वो मुद्दे जो BJP और SP दोनों के घोषणा पत्र में, लेकिन राय है अलग-अलग












Click it and Unblock the Notifications