भाजपा सांसद ने CM योगी को दी गाली, छापने पर पत्रकारों के खिलाफ कराया केस
यूपी के घोसी संसदीय सीट से भाजपा सांसद, हरीनारायण राजभर अवैध खनन के खिलाफ बुलाए गए एक प्रेसवार्ता में पुलिस और सीएम योगी के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया।
मऊ। यूपी के घोसी संसदीय सीट से भाजपा सांसद, हरीनारायण राजभर ने 4 पत्रकारों पर अवैध खनन करने वाले माफियाओं का सहयोग करने के मामले में मुकदमा दर्ज कराया है। जिससे नाराज पत्रकार आज सांसद की शिकायत लेकर कोतवाली थाने पहुंचे। पुलिस ने पीड़ित पत्रकारों की तहरीर पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। दरसअल कुछ दिनों पहले मऊ के बीजेपी सांसद हरिनारायण राजभर ने एक प्रेसवार्ता बुलाई थी जिसमें उन्होंने पुलिस को गालियां देने के साथ ही सीएम योगी के लिए भी अपशब्दों का इस्तेमाल किया। बाद में उन्होंने पत्रकारों से इसे नहीं छापने को कहा लेकिन जब अगले दिन पत्रकारों ने यह खबर चला दी तो नाराज सांसद ने 4 पत्रकारों के खिलाफ केस दर्ज कराया। इसके विरोध में मऊ जिले के स्थानीय पत्रकारों ने कोतवाली पुलिस को अपनी तहरीर सौंपी।

अवैध खनन के खिलाफ बुलाया था प्रेसवार्ता
हुआ यूं कि मऊ में चल रहे अवैध खनन को रोकने के लिए स्थानीय बीजेपी सांसद, हरीनारायण राजभर ने 25 अक्टूबर को छापेमारी की थी और कई गाड़ियों को पकड़ा था। उन्होंने स्थानीय पुलिस को सूचना देकर सभी गाड़ियों को थाने के हवाले कर दिया। लेकिन उक्त थाने के इंचार्ज ने किसी कारण वश सभी गाड़ियों को छोड़ दिया था। इस मामले में सांसद ने 27 अक्टूबर को मीडिया पुलिस की कार्यप्रणाली बताने के लिए बुलाया था लेकिन अपने प्रेस ब्रीफिंग के नेताजी का शब्दों पर काबू नहीं रखा। उन्होंने मां-बहन की गालियों को प्रयोग करते हुए कहा कि अब यही काम रह गया है कि पुलिस खनन कराए और हम जाकर गाड़िया पकड़ें। इसी बड़बोलेपन में उन्होंने सीएम योगी के खिलाफ भी अपशब्दों का प्रयोग करते हुए कहा कि उन्होंने प्रोटोकॉल की ऐसी की तैसी कर रखी है।

पत्रकारों से वीडियो डिलीट करने को कहा
अपशब्दों का प्रयोग करने के बाद नेताजी को ख्याल आया कि पत्रकारों के कैमरे खुले हुए हैं जिसके बाद उन्होंने पत्रकारों से वीडियो को डिलीट करने को कहा और उन्हें खबर न छापने को कहा। लेकिन अगले दिन की पत्रकारों ने इस खबर को चला दी। इससे नाराज सांसद ने 4 सांसदों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाया है। स्थानीय पत्रकारों को जब इस बारे में जानकारी हुई तो उन्होंने कोतवाली थाने में पहुंचकर सांसद के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी।

स्थानीय पत्रकार का क्या है कहना
मऊ के एक स्थानीय पत्रकार रामजी श्रीवास्तव ने कहा कि सासंद का यह कोई पहला वाक्या नही बस सासंद के गाली देने की ये करतूत से वो बेनकाब हो गए। इसी कारण वो बौखलाए हुए है। इस बार भी मीडिया ने सासंद के भद्दी गालियां देने के मामले को बेनकाब कर दिया। जिसके बाद सासंद ने बदले की भावना के तहत सत्ता के प्रभाव में जिले के चार पत्रकारों पर खनन माफिया का सपोर्ट करने के मामले में मुकदमा दर्ज कर दिया। जिसका विरोध करते है।












Click it and Unblock the Notifications