भाजपा की सहयोगी निषाद पार्टी अकेले लड़ेगी यूपी पंचायत चुनाव, संजय निषाद ने कहा- उपेक्षित महसूस कर रहा हूं
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की तैयारी चल रही है। सभी प्रमुख पार्टियों समेत एआईएमआईएम, आम आदमी पार्टी और भीम आर्मी भी इस बार चुनावी मैदान में उतरने का ऐलान कर चुकी हैं। अब एनडीए में शामिल और भाजपा की सहयोगी निषाद पार्टी ने यूपी का पंचायत चुनाव अकेले ही लड़ने की घोषणा की है। निषाद पार्टी मुखिया संजय निषाद ने कहा कि पंचायत चुनाव में पार्टी हर सीट पर कैंडिडेट खड़े करेगी। संजय निषाद ने भाजपा पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया और कहा कि अब उनकी उपेक्षा की जा रही है।

निषाद पार्टी प्रमुख संजय निषाद ने कहा कि निषादों को आरक्षण देने के मुद्दे को लेकर भाजपा का साथ दिया लेकिन बदले में भाजपा से उनको वादाखिलाफी मिली है। कहा कि साल 2019 से भाजपा का सहयोग करने के बावजूद अभी तक आरक्षण की मांग पूरी नहीं हुई। सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी आश्वासन दिया था कि निषादों के आरक्षण के मुद्दे पर वो कुछ करेंगे लेकिन किसी ने कुछ नहीं किया। भाजपा ने अपना वादा पूरा नहीं किया है जिस वजह से निषाद पार्टी अब एनडीए में उपेक्षित महसूस कर रही है। इसके साथ संजय निषाद ने पंचायत चुनाव अकेले लड़ने का ऐलान कर दिया। कहा कि हर सीट पर हम उम्मीदवार उतारेंगे। किसानों के मुद्दे पर संजय निषाद ने कहा कि केंद्र सरकार को बातचीत से इस समस्या का हल निकालना चाहिए।
अप्रैल के अंतिम सप्ताह तक उत्तर प्रदेश के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को कराने की तैयारी चल रही है। जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायत के चुनाव में सीटों की आरक्षण सूची अभी जारी नहीं की गई है। राज्य निर्वाचन आयोग मतदाता सूची जारी कर चुकी है। अब आरक्षण सूची का इंतजार है। प्रदेश के पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा है कि आरक्षण रोटेशन के आधार पर होगा। इस वजह से अभी जिन सीटों पर जो स्थिति हैं, उनमें से 70 प्रतिशत सीटों पर बदलाव हो सकते हैं। कहा कि जल्दी ही आरक्षण सूची जारी कर दी जाएगी। इसके बाद पता चल पाएगा कि किस सीट को किस वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। फरवरी तक आरक्षण की प्रक्रिया पूरी कर लेने की संभावना है।












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