चुनाव से ठीक पहले नेताओं की नाराजगी व गुटबाजी से डरी बीजेपी, यूपी में अब नहीं होगा मंत्रिमंडल का विस्तार
लखनऊ, 12 अगस्त: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए हाल ही में मोदी मंत्रिमंडल में विस्तार किया गया था। इसमें यूपी के 6 नेताओं को जातिय समीकरण के हिसाब से जगह दी गई थी। इसके बाद से ही उम्मीद जताई जा रही थी कि यूपी में भी मंत्रिमंडल का विस्तार जल्द ही हो सकता है लेकिन बीजेपी के सूत्रों का कहना है कि अब मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर बची खुची संभावनाएं भी समाप्त हो गई हैं। बीजेपी की शीर्ष लीडरशिप को लगता है कि चुनाव से ठीक पहले नेताओं में नाराजगी से पैदा होने से पार्टी का नुकसान हो सकता है लिहाजा मंत्रिमंडल विस्तार की बजाए अब पूरी तरह से चुनावी तैयारियों पर ही फोकस किया जाए।

भाजपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी की माने तो संघ और भाजपा शीर्ष नेतृत्व ने यूपी कैबिनेट में किसी भी विस्तार की संभावनाओं पर विराम लगा दिया है। अब यूपी में योगी सरकार की कैबिनेट का विस्तार नहीं होगा। उत्तर-प्रदेश में पिछले 3 महीने से कैबिनेट विस्तार चर्चा का बड़ा मुद्दा था। पहले यह कहा जा रहा था कि पंचायत चुनावों के बाद योगी सरकार मंत्रिमंडल में विस्तार कर सकती है लेकिन अब यह पूरी तरह से टाल दिया गया है।
मंत्रिमंडल विस्तार से नहीं दिख रहा कोई फायदा
यूपी में विधानसभा चुनाव की घोषणा में महज 4 महीने बचे हैं। जानकार मानते हैं कि इतने कम समय के लिए मंत्रिमंडल में बदलाव का पार्टी को कोई खास फायदा नहीं होने वाला है। इसका नुकसान जरुर हो सकता है। सबसे पहले तो चार-पांच महीने में नई जिम्मेदारी मिलने वाले मंत्री के लिए विभाग को समझ पाने में बड़ी मुश्किल होगी। इतने कम वक्त में अपने विभाग के जरिए जनता की मदद नही कर पाएंगे। साथ ही जनता की उम्मीदें भी बढ़ जाएंगी।
नए चेहरों के शामिल होने से पार्टी में गुटबाजी का डर
फेर-बदल या नए चेहरों को शामिल करने से पार्टी के अंदर कुछ नाराजगी भी संभव है। चुनावी माहौल में इस वक्त पार्टी के अंदर कोई भी गुटबाजी और नाराजगी बेहद हानिकारक साबित हो सकता है। कुछ नए चेहरों को जिम्मेदारी मिलने से कैबिनेट विस्तार में जगह मिलने की उम्मीद लगाएं बाकी लोग नाराज हो सकते हैं। सरकार का जातीय समीकरण भी बिगड़ सकता है और इसका असर आगमी विधानसभा चुनाव पर पड़ सकता है।
हाईकमान ने किया होल्ड
योगी सरकार के तीसरे विस्तार को लेकर चर्चा थी कि यूपी में भाजपा संगठन और सरकार ने नाम तय कर लिए हैं। इतना ही नहीं, मंत्रिमंडल में 6 नए चेहरों को शामिल करने के लिए जातीय समीकरण भी सेट कर लिए गए हैं। खबर यह भी थी कि हाईकमान को जातीय समीकरणों के साथ 12 नाम भेजे गए थे, लेकिन कोई फैसला नहीं हुआ। सूत्रों की मानें तो आलाकमान की तरफ से अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है।












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