बैंक कर्ज नहीं चुकाने पर योगी सरकार ने चलाया आम्रपाली ग्रुप पर डंडा
आम्रपाली ग्रुप पर योगी सरकार का बड़ा फैसला, बैंक का कर्ज नहीं लौटाने की वजह से नीलाम होगा कंपनी का कार्यालय
लखनऊ। योगी सरकार ने रियल इस्टेट व्यापार से जुड़ी देश की बड़ी कंपनियों में से एक आम्रपाली बिल्डर्स के खिलाफ मोर्चा खोल किया है। योगी सरकार ने आम्रपाली ग्रुप के एक कार्यालय को नीलाम करने का फैसला किया है। योगी सरकार ने यह फैसला इसलिए जारी किया है क्योंकि आम्रपाली ग्रुप ने कारपोरेशन बैंक से लिया गया कर्ज अभी तक वापस नहीं किया है।

पासपोर्ट जमा कराया
कंपनी के तीन डायरेक्टरों ने अपने निवेशकों में कंपनी के प्रति भरोसा बरकरार रखने के लिए गौतम बुद्ध नगर के डीएम के पास अपने पासपोर्ट जमा करा दिए हैं। उनके मुताबिक उन्होंने डीएम के पास अपने पासपोर्ट इसलिए जमा करा दिए हैं ताकि लोगों को यह विश्वास रहे की वे बैंक को अपना कर्ज अदा करने वाले हैं और देश छोड़ कर भागने नहीं वाले।
अन्य कंपनियों पर भी चलेगा डंडा
विगत 24 जुलाई को आम्रपाली के डायरेक्टर निशांत मुकुल और सीईओ ऋतिक को राज्य सरकार को लेबर सेस नहीं जमा करने की वजह से राजस्व विभाग ने हिरासत में लिया था। इन लोगों को गौतमबुद्ध नगर के डीएम के निर्देशों के बाद पकड़ा गया था। अधिकारियों ने बताया की उन दोनों को दादरी तहसील की जेल में बंद किया गया था क्योंकि उन्होंने 4.29 करोड़ का कंपनी का लेबर सेस नहीं भरा था। डीएम ने कहा की कंपनी को पहले ही अपना लेबर सेस जमा करने के निर्देश दिए गए थे लेकिन जब वह सेस जमा करने में नाकाम रही तो यह कदम उठाया गया था। उन्होंने यह भी बताया की कंपनी के डायरेक्टर और सीईओ को उत्तर प्रदेश के राजस्व बोर्ड कानून के सेक्शन 171 के तहत गिरफ्तार किया गया था और भविष्य में भी अगर कंपनी समय पर सेस का भुगतान नहीं करती उनपर और ज्यादा सख्ती बरती जाएगी।
भुगतान के बाद किया गया रिहा
लेकिन मुकुल और ऋतिक के गिरफ्तार होने के तुरंत बाद ही कंपनी ने सरकार को 4.29 करोड़ रूपये का सेस जमा करा दिया था जिसके बाद अगले दिन उनको छोड़ भी दिया गया था। दादरी के एसडीएम अमित कुमार सिंह ने बताया की अगर अन्य कंपनियां भी समय पर अपने सेस का भुगतान नहीं करेंगी तो उनसे भी इसी तरह से निपटा जाएगा। नॉएडा और ग्रेटर नॉएडा में आम्रपाली कंपनी के कई प्रोजेक्ट फसे हुए हैं जिसकी वजह से उसके निवेशकों को भारी तकलीफ झेलनी पड़ रही है।












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