Munna Murder Case: BSP विधायक मुख्तार अंसारी डबल मर्डर केस में बरी
मऊ। बाहुबली बसपा विधायक मुख्तार अंसारी को कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। बुधवार को कोर्ट ने मुख्तार अंसारी के खिलाफ डबल मर्डर मामले में राहत दी है, कोर्ट ने उन्हें इस मामले से बरी कर दिया है। वर्ष 2009 में ठेकेदार अजय प्रकाश सिंह उर्फ मन्ना सिंह और उनके सहयोगी की हत्या के मामले मुख्तार अंसारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था, लेकिन मऊ की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने इस मामले में मुख्तार अंसारी सहित सात अन्य आरोपियों को बड़ी राहत देते हुए उन्हें इस मामले से बरी कर दिया है।

दो लोगों को दोषी ठहराया गया
मऊ की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने मुख्तार अंसारी को इस डबल मर्डर के आरोप से बरी कर दिया है, साथ ही इस मामले में दो लोगों को दोषी करार दिया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर एक आदिल आफताब अहमद ने मुख्तार अंसारी सहित सभी आरोपियों को कोर्ट में उपस्थित होने का आदेश दिया था। जिसके बाद सभी 11 आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। मुख्तार अंसारी को भारी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया गया।

सुरक्षा के थे पुख्ता इंतजाम
मुख्तार अंसारी की कोर्ट में पेशी के दौरान तमाम पुलिसकर्मी सादे कपड़े में तैनात थे, साथ ही कोर्ट में हर तरह के आवागमन पर सीसीटीवी कैमरे के जरिए कड़ी नजर रखी जा रही थी। अंसारी की सुरक्षा को देखते हुए दूसरे जिलों के भी पुलिस को कोर्ट बुलाया गया था, मुख्य गेट से लेकर कचहरी के आने वाले हर व्यक्ति की तलाशी ली जा रही थी और बिना जांच पड़ताल के किसी को भी कचहरी के भीतर नहीं जाने दिया जा रहा था।

2009 में की गई थी हत्या
आपको बता दें कि गाजीपुर तिराहे के पास स्थित यूनियन बैंक के सामने ठेकेदार अजय प्रकाश और उनके सहयोगी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह हत्या 29 अगस्त 2009 को की गई थी। बदमाशों ने अजय प्रकाश व उनके ड्राइवर शब्बीर शाह को भी गोली मार दी थी। साथ ही राजेश राय को भी इस दौरान गोली लगी थी। राजेश राय की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी।

11 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल हुआ था
इस हत्याकांड के बाद हरेंद्र सिंह ने पुलिस से इस बाबत अज्ञात लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज की थी। शुरुआती जांच के बाद सदर विधायक मुख्तार अंसारी, रजनीश सिंह, उमेश सिंह, राकेश कुमार, अमरेश, अनुज कनौजिया, हनुमान कनौजिया, सहित कुल 11 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया था। इस मामले में कुल 16 गवाहों को पेश किया गया था। तमाम गवाहों को सुनने के बाद एडीजे ने इस मामले में अपना फैसला देते हुए मुख्तार अंसारी को बरी कर दिया गया है।












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