योगी राज: आई 78 अधिकारियों की शामत, 1 पहले ही दे चुका है इस्तीफा, जानें क्या है मामला!
उत्तर प्रदेश में सरकार बदलने के साथ ही कई अधिकारियों की शामत आ गई है। इसमें वो अधिकारी शामिल हैं जो सत्ता की करीबियों के चलते कई सालों से एक ही पद पर आसीनी थे।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार अपने 100 दिन के प्लान के तहत इस हफ्ते हर विभाग के पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन देखेंगे। सरकार की 100 दिन की प्राथमिकता में बायोमैट्रिक अटेंडेंस और करीब 60 से ज्यादा अधिकारियों का एक्सटेंशन का विषय शामिल है। माना जा रहा है कि योगी सरकार में अधिकारियों का एक्सटेंशन समाप्त कर दिया जाएगा।
अंग्रेजी समाचार पत्र इकॉनमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के मुख्य सचिन राहुल भटनागर ने कहा कि ऐसे 78 अधिकारी हैं, जो एक्सटेंशन पर हैं। अभी फिलहाल और अधिक जानकारी आना बाकी है। हमने सिर्फ 18 अधिकारियों का एक्सटेंशन आगे बढ़ाया है जो टेक्निकल सब्जेक्ट्स देख रहे हैं।

हटाए जाएंगे कई अधिकारी
राहुल ने कहा कि पिछली सरकार से करीबियों की वजह से कुछ अधिकारी लंबे समय से एक ही पद पर बने हुए थे। इस हफ्ते की शुरूआत में कई सलाहकार और कॉर्पोरेशनों के अध्यक्ष हटाए जाएंगे। यह अच्छा है। इससे मौजूदा अफसरों को भी मौका मिलेगा। साथ ही अब एक्सटेंशन 3 महीने से ज्यादा का नहीं होगा।
सीएम के एक करीबी अधिकारी ने बताया कि आदित्यनाथ ने सभी विभागों से प्राथमिकता के आधार पर काम करने को कहा है जिससे जमीन पर बदलाव दिखे। मुख्यमंत्री की ओर से कहा गया कि 4 प्रमुख धार्मिक शहर, वाराणसी,अयोध्या मथुरा और गोरखपुर की सड़कों के गड्ढे 15 जून तक खत्म हो जाएं।
ये अफसर हैं शामिल
बता दें कि जो अधिकारी हटाएंगे उनमें शहरी विकास सचिव एसपी सिंह, साल 2012 से ही यूपी पावर कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक एपी मिश्रा भी शामिल हैं। हालांकि एपी मिश्रा, ने उर्जा मंत्री श्रीकांत मिश्रा से पहली मुलाकात के बाद ही इस्तीफा दे दिया था।
सरकार आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे की भी जांच करा सकती है। इस एक्सप्रेस वे के निर्माण में भाजपा पहले ही आरोप लगा चुकी है कि इसमें घोटाला किया गया है।












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