BHU Violence: मानवाधिकार आयोग ने VC और योगी सरकार को भेजा नोटिस

वाराणसी। बीएचयू में जिस तरह से प्रदर्शनकारी छात्राओं पर पुलिस ने लाठी बरसाई, उसके बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने उत्तर प्रदेश सरकार और बीएचयू के वीसी को नोटिस जारी किया है। बीएचयू के वीसी और प्रदेश सरकार को यहां छेड़खानी के खिलाफ शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं करने को लेकर नोटिस भेजा गया है। इसके साथ ही छात्राओं के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ भी एनएचआरसी ने नोटिस भेजा है।

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मीडिया रिपोर्ट के आधार पर लिया संज्ञान

मीडिया रिपोर्ट के आधार पर लिया संज्ञान

बीएचयू में जो छात्रा प्रदर्शन कर रहे थे उनमें ज्यादातर लड़कियां थीं, वह बीएचयू के वीसी गिरीश चंद्र त्रिपाठी से सुरक्षा के मद्देनजर मुलाकात की मांग कर रही थीं। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने कहा कि उसने मीडिया रिपोर्ट के आधार पर इस मामले का संज्ञान लिया है। संस्थान के भीतर के छेड़खानी के खिलाफ छात्राओं की शिकायत को देखते हुए और फिर सुरक्षा की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही छात्राओं के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के चलते यह नोटिस जारी किया गया है।

डीजीपी, मुख्य सचिव को जारी नोटिस

डीजीपी, मुख्य सचिव को जारी नोटिस


एनएचआरसी ने यूपी के मुख्य सचिव, डीजीपी और बीएचयू के वीसी को नोटिस जारी करते हुए चार हफ्तों के भीतर जवाब देने को कहा है। एनएचआरसी ने अपने बयान में कहा कि नोटिस के जरिए इन लोगों से पूरी कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा है, साथ ही यह पूछा गया है कि ऐसे क्या कदम उठाए जा रहे हैं जिससे की भविष्य में यह कार्रवाई नहीं हो।

अमानवीय व्यवहार किया गया

अमानवीय व्यवहार किया गया

कमीशन ने कहा कि 25 व 26 सितंबर को मीडिया में जो रिपोर्ट सामने आई है उससे यह दिखता है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से ढीला रवैया अपनाया गया, संस्थान के भीत सुरक्षा गार्ड ने छेड़खानी की शिकायतों पर कार्रवाई करने की बजाए पीड़ित लड़कियों पर ही व्यंग्य कसना शुरू कर दिया। छात्राएं सेक्युरिटी गार्ड की छेड़खानी का भी विरोध कर रही ती, सके जवाब में उनके खिलाफ अमानवीय व्यवहार किया गया, पुलिस ने छात्राओं के मानवाधिकारों का उल्लंघन किया है

प्रशासन को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए थी

प्रशासन को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए थी

रिपोर्ट में कहा गया है कि विश्वविद्यालय प्रशासन को महिलाओं के सम्मान से जुड़े विषय पर संवेदनशीलता दिखानी चाहिए थी। पुलिस को इस तरह का बर्बर तरीका नहीं अपनाना चाहिए था। आपको बता दें कि शनिवार को छात्राओं के प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई में कई छात्र और दो पत्रकार भी घायल हुए थे। आयोग ने कहा कि ऑर्ट्स फैकल्टी की छात्रा के साथ तीन बाइक सवार ने छेड़खानी की थी, जब छात्रा अपने हॉस्टल से 21 सितंबर को शाम को 6.20 बजे लौट रही थी।

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