BHU Violence: या तो वीसी खुद छुट्टी पर चले जाएं वरना सरकार छुट्टी करने की तैयारी में
नई दिल्ली। बीएचयू में जिस तरह से छात्राओं के साथ छेड़खानी के मामले में तूल पकड़ा और छात्रावास में पुलिस ने लाठीचार्ज किया उसके बाद एचआरडी मिनिस्ट्री बीएचयू के नए वीसी की तलाश में जुट गया है। माना जा रहा है कि सरकार मौजूदा वीसी जीसी त्रिपाठी को छुट्टी पर भेज सकती है। जीसी त्रिपाठी को मंत्रालय एक्सटेंशन देने के मूड में नहीं है और नए वीसी की तलाश के लिए कमेटी का गठन कर दिया गय है। बीएचयू एक्ट के मुताबिक जबतक नया वीसी नहीं नियुक्त हो जाता है तबतक मौजूदा वीसी ही पद की जिम्मेदारी संभालेंगे।
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नए वीसी की तलाश शुरू
एचआरडी मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि मौजूदा स्थिति से बचने के लिए सरकार एक बेहतर वीसी की तलाश कर रही है जो जीसी त्रिपाठी की जगह ले सके। जबसे बीएचयू में छात्राओं का हंगामा हुआ और यहां हिंसा हुई तबसे वीसी जीसी त्रिपाठी विवादों में है, उनपर तमाम आरोप लग रहे हैं कि उन्होंने इस पूरे प्रकरण को ठीक से हैंडल नहीं किया। संस्थान में छात्राओं के साथ छेड़खानी की कई घटनाएं सामने आई और कई तरह के आरोप विश्वविद्यालय प्रशासन पर लगे, जिसके चलते बीएचयू के प्रशासन और वीसी की काफी किरकिरी हुई।

राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा नाम
सूत्रों की मानें तो बीएचयू के नए वीसी की तलाश के लिए छह नामों को अगले कुछ दिनों मे राष्ट्रपति भवन के पास भेजा जाएगा। जिसके बाद राष्ट्रपति तीन उम्मीदवारों का चयन करेंगे जोकि सर्च एंड सेलेक्ट कमेटी के सदस्य बनेंगे और वह नए वीसी की तलाश करेंगे। जल्द ही वीसी के पद के लिए आवेदन भी निकाला जाएगा। मौजूदा वीसी का कार्यकाल अब महज दो महीने का बचा है। सूत्रों की मानें तो मौजूदा विवाद के बारे में सरकार को अवगत करा दिया गया है, साथ ही कहा गया है कि बेहतर विकल्प यह होगा कि वीसी को अवकाश पर भेजा जाए जिनका कार्यकाल 27 नवंबर को खत्म हो रहा है।

वीसी को लेना है फैसला अपने बारे में
मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि जो रिपोर्ट हमे मिली है उसमें वह जीसी त्रिपाठी के पक्ष में नहीं है, अब सवाल यह है कि क्या वह खुद से छुट्टी पर जाने के लिए तैयार होते हैं या नहीं, यह फैसला उन्हें लेना है। उन्होंने कहा कि वीसी को सबसे पहले यह करना चाहिए था कि संस्थान में शांति बनाए रखते। गौरतलब है कि 21 सितंबर से ही छात्राएं संस्थान में छेड़खानी की शिकायत को लेकर प्रदर्शन कर रही थी, जिसके बाद पुलिस ने उनपर लाठीचार्ज कर दिया था।
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