शब्बीरपुर के 'रावण' के लिए खून बहाने को तैयार भीम आर्मी के युवा, हड़ताल जारी

Posted By:
Subscribe to Oneindia Hindi

सहारनपुर। सहारनपुर में हुई जातीय हिंसा के आरोपी चंद्रशेखर आजाद 'रावण' पर लगाई गई रासुका हटाने की मांग को लेकर भीम आर्मी के पदाधिकारियों की दूसरे दिन भी जेल में हड़ताल जारी रही। इस दौरान भीम आर्मी की ओर से चेताया भी गया कि अगर संस्थापक चंद्रशेखर आजाद और अन्य से रासुका ना हटाई गई तो भूख हड़ताल लगातार जारी रहेगी और समाज के स्वाभिमान की रक्षा के लिए हर दलित अपने खून की एक-एक बूंद न्योछावर कर देगा। बता दें कि भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर उर्फ रावण, जिला अध्यक्ष कमल वालिया और राष्ट्रीय प्रवक्ता मंजीत नौटियाल, शब्बीरपुर प्रकरण को लेकर जिले को हिंसा की आग में झोंकने के आरोप में पिछले काफी समय से जिला कारागार में बंद हैं।

Bheem Army hunger strike for President leader ChandraShekhar Azad in Saharanpur

संस्थापक चंद्रशेखर हाईकोर्ट से अपनी जमानत करा देने में सफल भी हो गया था मगर रिहाई से पहले ही पुलिस प्रशासन की ओर से उस पर रासुका लगा दी गई और उसकी रिहाई के दरवाजे बंद हो गए। अब कमल वालिया और मंजीत नौटियाल की ओर से रासुका की कार्रवाई के खिलाफ गुरुवार से जिला जेल में भूख हड़ताल शुरु कर दी गई है।

Bheem Army hunger strike for President leader ChandraShekhar Azad in Saharanpur

बैरक नंबर- 5 और 9 में बंद दोनों भीम आर्मी पदाधिकारियों की शनिवार को भी भूख हड़ताल जारी रही। भीम आर्मी की ओर से जारी प्रेस नोट में कहा गया है कि रासूका ना हटाए जाने तक भूख हड़ताल जारी रहेगी और वरिष्ठ जेल अधीक्षक को भी इससे अवगत करा दिया गया है।

Bheem Army hunger strike for President leader ChandraShekhar Azad in Saharanpur

दावा किया गया कि जेल प्रशासन की ओर से भीम आर्मी के पदाधिकारियों की मांगों को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का आश्वासन भी मिला है। साथ ही भीम आर्मी की ओर से चेताया भी गया है कि समाज के उत्थान और स्वाभिमान की रक्षा के लिए हर दलित अपने खून की एक-एक बूंद तक न्योछावर करने को तैयार है।

Read more: बिहार में अब तटबंध घोटाला, लगभग 3600 करोड़ के प्रोजेक्ट में हेराफेरी करने वाले ही बने जांच अधिकारी!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Bheem Army hunger strike for President leader ChandraShekhar Azad in Saharanpur
Please Wait while comments are loading...