उम्मीदवारों के चयन में सभी दलों के छूट रहे पसीने, जानिए 'वेट एंड वाच' की भूमिका में क्यों है राजनीतिक दल
लखनऊ, 28 अक्टूबर: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले चुनाव से पहले सभी राजनीतिक दल उम्मीदवारों का चयन करने में जुटी हुए हैं। कोई विधानसभा क्षेत्रों में जाकर फीडबैक ले रहा है तो कोई उम्मीदवारों का खुद ही इंटरव्यू ले रहा है। तमाम प्रयासों के बीच आम आदमी पार्टी ही केवल ऐसी पार्टी है जो अभी तक 100 संभावित उम्मीदवारों की सूची जारी कर चुकी है। समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस अभी अपने उम्मीदवारों के चयन प्रकिया को अंतिम रूप देने में जुटे हैं लेकिन ऐसा अटकलें लगाई जा रही हैं कि सपा 20 नवंबर के बाद 100 सीटों पर उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर सकती है। हालांकि सभी दल एक दूसरे की रणनीति समझने में जुटे हैं और वेट एंड वाच की भूमिका में हैं कि कहीं उम्मीदवरों के ऐलान के बाद भगदड़ मच गई तो उसे संभालना मुश्किल हो जाएगा।

सपा में कई विधायकों पर गिरेगी गाज
सपा के पदाधिकारियों की माने तो उम्मीदवारों के नामों का चयन 20 नवंबर के बाद शुरू किया जाएगा। विभिन्न स्तरों से मिले फीडबैक के आधार पर हर विधानसभा से टॉप 10 उम्मीदवारों की लिस्ट बनाई जाएगी जिसको अखिलेश यादव के सामने रखा जाएगा। अंतिम मुहर उनकी मंजूरी के बाद ही लगेगा। सूत्रों की माने तो पहले चरण में दो दर्जन विधायकों समेत 100 उम्मीदवारों की सूची जारी की जाएगी। वर्तमान में सपा के 49 विधायक हैं। इनमें से सभी को टिकट मिलेगा इसकी संभावना काफी कम है।

अधिकांश विधानसभा क्षेत्रों में एक सीट के लिए 30 दावेदार
पार्टी के सूत्रों की माने तो ज्यादातर विधानसभा क्षेत्रों में एक सीट पर तीस दावेदार से ज्यादा हैं। वहीं पूर्वांचल की 15 सीटों पर 60 से 80 आवेदन मिले हैं। इसके अलावा जो लाग पार्टी ज्वाइन कर रहे हैं वो भी अपनी दावेदारी प्रस्तुत कर रहे हैं। अब तक करीब 20 हजार आवेदन मिल चुके हैं जिनमें लगभग पांच हजार महिलाओं के हैं। बताया जा रहा है कि सभी आवेदनों की स्क्रूटनी का काम चल रहा है जिसके बाद हर विधानसभा में टॉप टेन उम्मीदवारों को शामिल किया जाएगा। बताया जा रहा है कि सपा में भी वर्तमान में कई विधायकों के टिकट कटने के पूरे असार हैं। इस बार टिकट जातीय गणित और फील्ड में सक्रियता को ध्यान में रखकर ही दिया जाएगा।

100 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर चुकी है AAP
उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होना है। इस विधानसभा चुनावों के लिए राजनीतिक दलों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। पार्टियों ने चुनावों का बिगुल फंकू दिया है। आम आदमी पार्टी पहली बार यूपी के चुनावों में सक्रिय तौर पर हिस्सा ले रही है। जिसे लेकर पार्टी ने मंगलवार को अयोध्या में तिरंगा यात्रा निकाली थी। पार्टी ने इस अपनी चुनावी अभियान की शुरुआत के तौर पर पेश किया है। इसी बीच आज आम आदमी पार्टी ने 100 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की।

उम्मीदवारों के चयन में जुटी है BSP
उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले बहुजन समाज पार्टी अपने उम्मीदवारों के चयन में जुटी हुई है। बसपा सूत्रों की माने तो इस महीने के अंत तक उम्मीदवारों की पहली सूची बसपा जारी कर देगी। हालांकि ऐसा पहली बार हो रहा है जब बसपा टिकटों की घोषणा करने में देरी कर रही है। बसपा के पदाधिकारियों की माने तो उम्मीदवारों के आवेदन की स्क्रूटनिंग का काम चल रहा है। बसपा के आवेदन में कुछ दिशा निर्देश तय किए गए थे। जो आवेदन उनके अनुरूप होंगे उनपर ही विचार किया जाएगा और पहली लिस्ट फाइनल की जाएगी।

नवंबर में आ सकती है बसपा उम्मीदवारों की पहली सूची
उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया चल रही है सेक्टर प्रभारियों से प्राप्त अभ्यर्थियों के पैनल के आधार पर अभ्यर्थियों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिन नामों पर बसपा सुप्रीमो ने जिलों में मुहर लगाई है, उनकी घोषणा की जिम्मेदारी अब जिलाध्यक्षों और सेक्टर प्रभारियों को सौंपी गई है। परंपरागत रूप से बहुजन समाज पार्टी किसी भी चुनाव के लिए अपने उम्मीदवार को अन्य दलों से आगे घोषित करती रही है और सूत्रों ने कहा कि 15 अक्टूबर तक अधिक से अधिक उम्मीदवारों की घोषणा करने के प्रयास चल रहे थे।

जिताऊ व टिकाऊ उम्मीदवार तलाश रही कांग्रेस
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चनुाव से पहले कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी संगठन को गांव गांव तक पहुंचाने में जुटी हुई हैं। वहीं दूसरी तरफ उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती अगला विधानसभा चुनाव है। कांग्रेस के सूत्रों के अनुसार सबसे बड़ी चुनौती सूबे की 403 सीटों पर अपने उम्मीदवारों के चयन को लेकर है। हालांकि पार्टी का टारगेट 100 सीटों पर चुनाव जीतने का है लेकिन उसके बाद भी बी, सी और डी कैटगरी वाली सीटों पर भी पार्टी जिताऊ अैर टिकाऊ उम्मीदवारों को ही तरजीह देगी। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव ने भी कहा है कि उन्हीं नेताओं को तरजीह दी जाए जो 'विनेबल' और 'स्टेबल' हों।

अंतिम समय में उम्मीदवारों का ऐलान करती है बीजेपी
उत्तर प्रदेश में चुनाव के दौरान बीजेपी हमेशा ही अंतिम समय में उम्मीदवारों के नामों का ऐलान करती है। अभी पार्टी ने पूरी ताकत चुनाव प्रचार में लगा रखी है। इसके लिए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और पीएम मोदी लगातार यूपी का दौरा कर रहे हैं। विधानसभा की तैयारियों की परखने के लिए देश के गृहमंत्री ओर बीजेपी के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह शुक्रवार को लखनऊ दो दिवसीय दौरे पर पहुंचेंगे। वह संगठन की थाह लेंगे और विधानसभा चुनाव प्रभारियों के साथ बैठक भी कर सकते हैं। उम्मीदवारों के ऐलान को लेकर एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बातया कि आप पहले के चुनावों का भी देख लीजीए। बीजेपी हमेशा अंतिम समय में उम्मीदवारों की सूची जारी करती है ताकि टिकट मिलने के बाद संगठन में किसी तरह के भगदड़ की स्थिति न बने। उम्मीदवारों के नामों का ऐलान नवंबर के अंत तक खींच सकता है।












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