Lok Sabha Election 2024 से पहले OBC वोट बैंक को साधने में जुटी यूपी कांग्रेस
उत्तर प्रदेश कांग्रेस ईकाई ने यूपी में ओबीसी वोट बैंक को साधने का प्लान तैयार किया है। आने वाले समय में इस समाज में पैठ बनाने के लिए कांग्रेस एक बड़ा अभियान छेड़ने जा रही है।
UP Congress: देश में अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले ही यूपी की सियासी फिजा में गरमाहट महसूस हो रही है। एक तरफ कांग्रेस ने जहां देश में एनडीए के खिलाफ मजबूत गठबंधन INDIA का ऐलान किया है वहीं दूसरी ओर यूपी में वह पिछड़े वर्ग को लुभाने में भी जुटी हुई है। इसकी वजह ये है कि सभी दल ओबीसी वोट बैंक को ही मजबूत करने पर फोकस कर रहे हैं।
यादव समाज को भी लुभाने का प्रयास
कांग्रेस ने इस साल 25 मई को चंद्रजीत यादव की पुण्य तिथि पर यूपीसीसी मुख्यालय लखनऊ में आयोजित अपने पहले सम्मेलन के साथ पिछड़े वर्गों को लुभाने के प्रयास शुरू कर दिए थे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि पार्टी पिछड़े वर्गों को लुभाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और जाति जनगणना की मांग उठा रही है।

ओबीसी में पैठ बनाने का अभियान
यूपीसीसी अध्यक्ष बृजलाल खाबरी ने कहा कि, "कांग्रेस ओबीसी को लुभाने की कोशिशों में पीछे नहीं रहती। हम ईमानदारी से प्रयास कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी पिछले कुछ हफ्तों में संभागीय और जिला स्तरीय सम्मेलन आयोजित कर रही है और हम अपने प्रयासों को और तेज करने जा रहे हैं।"
कई जिलों में कांग्रेस कर चुकी है सम्मेलन
यूपीसीसी ने इस साल 25 मई को चंद्रजीत यादव की पुण्य तिथि पर यूपीसीसी मुख्यालय लखनऊ में आयोजित अपने पहले सम्मेलन के साथ पिछड़े वर्गों को लुभाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। यूपीसीसी ने आगरा का संभागीय सम्मेलन 15 जून को मथुरा में आयोजित किया। इसने अब जिला सम्मेलन आयोजित करना शुरू कर दिया है।
यूपीसीसी संगठन सचिव अनिल यादव ने कहते हैं कि,
हमने मथुरा (आगरा डिवीजन) में अपने पहले डिवीजनल सम्मेलन के साथ शुरुआत की और अब तक 18 में से 14 डिवीजनों को कवर किया है। हम जल्द ही बाकी बचे चार मंडलों में भी सम्मेलन आयोजित करेंगे, जिनमें गोरखपुर, झांसी, चित्रकूट और मुरादाबाद शामिल हैं। जिला सम्मेलन पहले ही शुरू हो चुके हैं और पहले से शामिल संभागों को जिला सम्मेलन आयोजित करने का काम सौंपा जा रहा है। हमें लोगों से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। हम इस कार्यक्रम को जमीनी स्तर पर लोगों तक ले जाने जा रहे हैं।
कांग्रेस से पिछड़ा वर्ग विरोधी टैग हटाने की कोशिश
यादव ने कहा कि कांग्रेस ने इस धारणा को दूर करने के लिए पिछड़ा वर्ग सम्मेलन की शुरुआत की कि पार्टी पिछड़ा विरोधी है। हम लोगों को कांग्रेस की पहल के बारे में जानकारी देते हैं। अति पिछड़े वर्ग के लोग हमारे साथ आ रहे हैं। हमने इसे एक मिशन के रूप में लिया है। जनता हमारी बात से सहमत है। कांग्रेस के चार मुख्यमंत्रियों में से तीन पिछड़ी जाति से हैं।
कांग्रेस ने क्या किया ये पिछड़ों को बता रही कांग्रेस
उन्होंने कहा कि इन सम्मेलनों में एक पुस्तिका वितरित की जा रही थी कि कांग्रेस ने पिछड़े वर्गों के लिए क्या किया है। कांग्रेस की पहल में इंदिरा गांधी सरकार का मंडल आयोग को सहयोग देने और विस्तार देने का निर्णय और स्थानीय निकायों में पिछड़े वर्गों और महिलाओं के लिए आरक्षण शामिल है।
जातीय जनजगणना जैसे मुद्दों पर फोकस
यादव कहते हैं कि कांग्रेस के पर्चे में जाति जनगणना के मुद्दे पर पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के समर्थन और पिछड़े वर्गों के लिए कोटा बढ़ाने के संकल्प को भी सूचीबद्ध किया गया है। इसमें इस बात की भी जानकारी दी गई है कि भाजपा सामाजिक न्याय और पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण के विरोधी रहे हैं।












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