Bareilly violence: हिंसा का मुख्य साजिशकर्ता नदीम खान गिरफ्तार, इंटरनेट बंदी से व्यापार और आम जनता बेहाल
Bareilly violence Update: उत्तर प्रदेश के बरेली में "आई लव मोहम्मद" विवाद को लेकर हुई हिंसा की गुत्थी सुलझाने में पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। SSP बरेली अनुराग आर्य ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि पुलिस ने इस घटना के मुख्य साजिशकर्ता नदीम खान को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस ने उसके पास से वह मोबाइल फोन बरामद किया है, जिसे उसने 26 सितंबर की घटना के दौरान एक पुलिसकर्मी से छीना था। इसके अलावा एक वायरलेस सेट भी जब्त किया गया है।

कैसे हुई थी हिंसा की साजिश?
SSP ने मीडिया को जानकारी दी कि नदीम खान और उसके सहयोगियों ने भीड़ जुटाने के लिए सोशल मीडिया और व्हाट्सएप का सहारा लिया। आरोपी नदीम ने माना है कि एक अपील पत्र, जिस पर उसके, डॉ. नफीस और लियाकत के हस्ताक्षर थे, लोगों में फैलाया गया था। हालांकि, पूछताछ में उसने यह कहकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश की कि उस पत्र पर हस्ताक्षर उसके नहीं हैं। पुलिस फिलहाल फरार आरोपी लियाकत की तलाश में जुटी है।
अब तक कितने लोग हुए गिरफ्तार?
SSP अनुराग आर्य ने बताया कि अब तक इस मामले में 56 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें नदीम खान के अलावा जफरुद्दीन नामक आरोपी भी शामिल है, जिसके पास से हिंसा में इस्तेमाल किया गया एक हथियार बरामद हुआ है। पुलिस के मुताबिक, सभी आरोपियों का मकसद जनता को भड़काना, पुलिस को गुमराह करना और कानून-व्यवस्था को तोड़ना था।
पुलिस ने साफ किया है कि हिंसा फैलाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। गिरफ्तार आरोपियों को जेल भेजा जा रहा है और अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है। SSP ने कहा कि हालात पर नियंत्रण है, लेकिन जो लोग कानून तोड़ने की कोशिश करेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
गौरतलब है कि 26 सितंबर को 'आई लव मोहम्मद' अभियान के समर्थन में प्रदर्शन की अनुमति न मिलने पर पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच झड़प हो गई थी। इस दौरान पथराव, तोड़फोड़ और हिंसा की घटनाएं सामने आईं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने 180 नामजद और 2,500 अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया था।
इंटरनेट बंदी से जनजीवन प्रभावित
हिंसा के बाद प्रशासन ने एहतियातन तौर पर मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं। पिछले तीन दिनों से इंटरनेट बंद रहने का सीधा असर व्यापार और बैंकिंग सेवाओं पर पड़ा है। छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े व्यापारियों तक का कारोबार ठप हो गया है। इंटरनेट बंद होने से बैंकिंग सेवाओं पर बुरा असर पड़ा है एटीएम और ऑनलाइन ट्रांजिक्शन बंद होने से व्यापारी और आम ग्राहक दोनों परेशान हैं।
वहीं दवा आपूर्ति और इलाज पर भी असर पड़ा है। अस्पतालों में इलाज प्रभावित हो रहा है। पुलिस-प्रशासन का दावा है कि हालात पर नियंत्रण है और इंटरनेट सेवाएं जल्द बहाल की जाएंगी। हालांकि, लगातार बंदी से व्यापार जगत को करोड़ों का नुकसान हो चुका है और आम जनता की रोजमर्रा की जिंदगी थम सी गई है।












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