Sub-Inspector Naresh Babu कौन हैं? खाकी में काला नाग! फरियादी महिला से दुष्कर्म-अबॉर्शन कराया, अब सस्पेंड
Bareilly Case Sub-Inspector Naresh Babu Suspended: उत्तर प्रदेश के बरेली में एक आशिक मिजाज दरोगा साहब खाकी में छुपे आस्तीन के सांप निकले। पति से परेशान, घरेलू विवाद की शिकायत लेकर थाने पहुंची महिला की उम्मीदों पर दरोगा साहब ने पानी फेर दिया। महिला का आरोप है कि थाने में मिला एक पुलिस अधिकारी ही उसकी सबसे बड़ी परेशानी बन गया।
पहले सहानुभूति दिखाई, फिर नौकरी दिलाने और शादी का सपना दिखाया। धीरे-धीरे भरोसा जीता और फिर उसी भरोसे का फायदा उठाकर शारीरिक संबंध बनाए। महिला का आरोप है कि जब वह गर्भवती हुई तो जबरन गर्भपात करा दिया गया और आखिर में रिश्ता खत्म कर जान से मारने की धमकी भी दी गई। यह मामला बरेली में तैनात सब इंसपेक्टर नरेश बाबू से जुड़ा है, जिन्हें शिकायत के बाद निलंबित कर दिया गया है।

Who Is Sub-Inspector Naresh Babu: कौन हैं Sub-Inspector नरेश बाबू?
नरेश बाबू उत्तर प्रदेश पुलिस में उपनिरीक्षक (दरोगा) हैं और शिकायत के समय उनकी तैनाती बरेली के बारादरी थाने में थी। महिला की शिकायत के बाद एसएसपी अनुराग आर्य (IPS-RR 2013 बैच) ने उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं और उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
कैसे शुरू हुई पूरी कहानी?
महिला के अनुसार, साल 2022 से उसके पति के साथ विवाद चल रहा था और वह अलग रह रही थी। 2025 में वह अपने पति और ससुराल वालों के खिलाफ शिकायत लेकर बारादरी थाने पहुंची। यहीं उसकी मुलाकात दरोगा नरेश बाबू से हुई। महिला का आरोप है कि दरोगा ने पहले उसकी पूरी बात सुनी और भरोसा दिलाया कि वह उसे न्याय दिलाएंगे।
नौकरी और शादी का दिया भरोसा
महिला का आरोप है कि नरेश बाबू ने खुद को पुलिस विभाग में प्रभावशाली बताते हुए कहा कि उनकी वरिष्ठ अधिकारियों तक सीधी पहुंच है और वह उसकी सरकारी नौकरी भी लगवा सकते हैं। यही नहीं, महिला के मुताबिक दरोगा ने उससे कहा कि वह अपनी पत्नी को तलाक देकर उससे शादी करेंगे। इसी भरोसे के कारण दोनों के बीच लगातार बातचीत शुरू हो गई।
शादी का झांसा देकर बनाए संबंध
महिला का आरोप है कि शादी का वादा करने के बाद नरेश बाबू उसके घर आने-जाने लगे। इसी दौरान उन्होंने कई बार शारीरिक संबंध बनाए। महिला का कहना है कि वह इस रिश्ते को वैवाहिक संबंध की ओर बढ़ता हुआ मानती रही क्योंकि उसे भरोसा था कि दरोगा अपनी पत्नी को छोड़कर उससे शादी करेंगे। उसका यह भी दावा है कि पिछले साल करवा चौथ के बाद से नरेश बाबू उसके घर पर ही रहने लगे थे।
बेटे की शादी के नाम पर ले लिए 8 लाख के गहने
महिला ने शिकायत में आरोप लगाया है कि फरवरी 2026 में नरेश बाबू ने अपने बेटे की शादी का हवाला देकर उससे करीब 8 लाख रुपये के सोने के गहने ले लिए। जब उसने गहने वापस मांगे तो दरोगा टालमटोल करने लगे। विरोध करने पर धमकाने का आरोप भी लगाया गया है।
गर्भवती होने पर कराया गर्भपात
महिला का आरोप है कि कुछ समय बाद वह गर्भवती हो गई। उसके मुताबिक, जब नरेश बाबू को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने 12 मई को जबरन गर्भपात की दवा खिलाई, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसे अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। यह आरोप इस मामले का सबसे गंभीर हिस्सा माना जा रहा है।
पत्नी और बेटों के साथ घर पहुंचने का आरोप
महिला का कहना है कि 23 मई को नरेश बाबू अपनी पत्नी और बेटों के साथ उसके घर पहुंचे। यहां उसके साथ गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी दी गई। महिला ने डायल-112 पर सूचना दी, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले सभी वहां से चले गए।
हादसे के बाद भी महिला ने की मदद
महिला का दावा है कि 4-5 जुलाई की रात नरेश बाबू सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे। इसकी जानकारी मिलने पर उसने उन्हें अस्पताल पहुंचाया और इलाज का खर्च भी उठाया। लेकिन अगले दिन अस्पताल में दरोगा के परिवार वालों ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया और इसके बाद नरेश बाबू ने उससे पूरी तरह संबंध खत्म कर लिए।
पुलिस की धौंस दिखाने का आरोप
महिला का कहना है कि जब भी उसने शिकायत करने की बात की, नरेश बाबू पुलिस विभाग में अपनी पकड़ का हवाला देकर डराते थे। उसके मुताबिक दरोगा कहते थे कि वह खुद पुलिस में हैं, इसलिए उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। इसी डर की वजह से वह लंबे समय तक शिकायत दर्ज कराने की हिम्मत नहीं जुटा सकी।
SSP ऑफिस पहुंचकर लगाई न्याय की गुहार
आखिरकार महिला 7 जुलाई को बरेली के एसएसपी कार्यालय पहुंची और नरेश बाबू, उनकी पत्नी तथा बेटों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। महिला ने अपने साथ हुए कथित दुष्कर्म, मारपीट, धोखाधड़ी, जबरन गर्भपात और धमकी देने के आरोपों की विस्तृत शिकायत पुलिस को सौंपी।
पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
बरेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने मामले को गंभीर मानते हुए जांच के आदेश दिए हैं। प्रारंभिक कार्रवाई के तहत उपनिरीक्षक नरेश बाबू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।













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