Bareilly Murder Case:9 साल का प्यार, 2 महीने की शादी और फिर खौफनाक अंत? बरेली में पत्नी ने ही ले ली पति की जान
Bareilly Jitendra Yadav Murder Case: उत्तर प्रदेश के बरेली से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पत्नी ने अपने 9 साल के प्यार के बाद दो महीने पुराने शादी के रिश्ते का खौफनाक अंत कर दिया। दरअसल, बरेली की कैलाशपुरम कॉलोनी में हुए जितेंद्र यादव हत्याकांड ने सबको सन्न कर दिया है।
जिसे शुरुआत में आत्महत्या समझा जा रहा था, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस तफ्तीश ने उसे एक सोची-समझी हत्या करार दिया है।

पुलिस ने जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ाया इसके राज से कई पर्दे खुलते चले गए। पुलिस खुद इस बात से हैरान है कि आखिर 9 साल की मोहब्बत के बाद हत्या क्यों? विस्तार से पढ़िए प्यार से कत्ल तक की कहानी...
9 साल के 'प्यार' का 60 दिन में हुआ खौफनाक अंत?
जितेंद्र यादव और ज्योति का रिश्ता कोई नया नहीं था। दोनों पिछले 9 सालों से एक-दूसरे के साथ रिलेशनशिप में थे। लंबे इंतजार के बाद पिछले साल 25 नवंबर को दोनों ने प्रेम विवाह (Love Marriage) किया था। ज्योति रोडवेज में कंडक्टर के पद पर तैनात है। परिजनों को लगा था कि दोनों अपनी नई जिंदगी में खुश रहेंगे, लेकिन शादी के महज दो महीने बाद ही खुशियां मातम में बदल गईं।
Jitendra Yadav की मौत साजिश या सुसाइड? वेंटिलेटर से लटका मिला था शव
बीती 26 जनवरी को जितेंद्र का शव उसके कमरे में फंदे से लटका मिला था। शुरुआत में इसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई। पुलिस जब मौके पर पहुंची, तो दृश्य काफी संदिग्ध था। जितेंद्र का शव वेंटिलेटर से मफलर के सहारे लटका हुआ था, लेकिन उसके पैर नीचे रखे स्टूल पर टिके हुए थे और जीभ बाहर निकली हुई थी। घटनास्थल की इसी स्थिति ने पुलिस के मन में संदेह पैदा कर दिया था।
मामले में असली मोड़ तब आया जब जितेंद्र की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई। रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि जितेंद्र की मौत दम घुटने से हुई है और उसे गला दबाकर मारा गया है। इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच की दिशा पत्नी ज्योति की ओर मोड़ दी।
Property Dispute Murder: परिवार वालों ने क्या कहा?
परिजनों ने पुलिस को दिए बयान में ज्योति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि शादी के तुरंत बाद से ही ज्योति का असली चेहरा सामने आने लगा था। वह जितेंद्र पर लगातार दबाव बना रही थी कि वह अपनी पैतृक संपत्ति (गांव की जमीन) बेच दे और शहर में एक आलीशान मकान और कार ज्योति के नाम पर खरीदे।
जितेंद्र के परिवार का आरोप है कि जब उसने ऐसा करने से मना किया, तो ज्योति और उसके मायके वालों ने उसे और उसके पूरे परिवार को दहेज उत्पीड़न के झूठे केस में फंसाने की धमकी देनी शुरू कर दी थी। इसी लालच और विवाद ने अंततः एक जघन्य हत्याकांड का रूप ले लिया।
CDR और CCTV खोलेंगे राज, मायके वालों की भूमिका संदिग्ध
पुलिस की तफ्तीश में एक बड़ा तकनीकी खुलासा हुआ है। जितेंद्र और ज्योति के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगालने पर पता चला कि वारदात के समय ज्योति ने अपनी आखिरी कॉल अपने मायके वालों को की थी। पुलिस को अंदेशा है कि ज्योति ने अकेले इस वारदात को अंजाम नहीं दिया होगा।
हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने और शव को फंदे से लटकाकर उसे आत्महत्या का रूप देने में ज्योति के मायके वाले भी शामिल हो सकते हैं। फिलहाल पुलिस इलाके के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाल रही है और ज्योति के परिजनों की लोकेशन ट्रेस की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस साजिश में शामिल सभी चेहरों को बेनकाब कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।












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