बाहुबलियों के खेमे में सन्नाटा, सैयदराजा सीट पर इस बार क्या होगा?
सैयदराजा का चुनाव परिणाम हमेशा से प्रदेश की जनता को चौंकाता रहा है। सभी पार्टियों से बाहुबलियों के चुनाव लड़ने से यहां के चुनाव परिणाम के लिये हमेशा लोगों में उत्सुकता रही है।
चंदौली। पूर्वांचल ही नहीं प्रदेश की सबसे हॉट सीट सैयदराजा पर सबकी निगाहें टिकी हैं। पिछली बार डॉन बृजेश सिंह के चुनाव लड़ने की वजह से यह सीट चर्चा में थी, तो इस बार उनके विधायक भतीजे सुशील और बाहुबली विनीत सिंह के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है। ग्रामीण इलाका होने के बावजूद यहां 65 फीसदी मतदान होने से परिणाम को लेकर दोनों खेमे में सन्नाटा है। राजपूत बाहुल्य यह सीट हमेशा से चौंकाने वाला परिणाम देती रही है। इस बार भी नतीजे को लेकर कयास शुरू हो चुके हैं।

पिछली बार डॉन बृजेश को मनोज सिंह से मिली थी पराजय
2012 के विधानसभा चुनाव में डॉन बृजेश सिंह को हराकर निर्दलीय मनोज सिंह डब्लू ने जीत दर्ज की थी। लेकिन बाद में सपा में शामिल होने से उनका कद बढ़ गया था। बसपा ने इस सीट पर विनीत सिंह को पहले ही प्रत्याशी घोषित कर दिया था। तीनों प्रमुख दलों के प्रत्याशी राजपूत होने से बिरादरी में खेमेबाजी हो गयी। जिसका असर पूरे चुनाव के दौरान देखने को मिला।
सोशल मीडिया पर चला आरोप-प्रत्यारोप का दौर
पूर्वांचल की यह इकलौती सीट है जहां खूब साइबर वार चला। एक खेमे ने तो शुरूआत में अक्रामक रुख अख्तियार किया लेकिन विरोधी ने इसकी काट में इमोशनल कार्ड खेल दिया तो परिस्थिति बदलने लगी। विनीत की पत्नी का घर-घर जाकर बिलखना और बेटे का सभी का पांव छूना ऐसा दांव था जिसका जबाव अंत तक विरोधियों के पास नहीं था। चुनाव के अंतिम दौर में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गये लेकिन इमोशनल कार्ड प्रभावी रहा था।












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