बहराइच: डायल 100 पुलिस का कारनामा, एक लाख रुपये के लिए भाइयों को बनाया बंधक
लखैया बितनिया गांव से दो सगे भाइयों को डायल 100 टीम के सिपाहियों द्वारा जबरन गिरफ्तार कर घरवालों से उन्हें छोड़ने के लिए पैसे की मांग करने का मामला सामने आया है।
बहराइच। लखैया बितनिया गांव से दो सगे भाइयों को डायल 100 टीम के सिपाहियों द्वारा जबरन गिरफ्तार कर घरवालों से उन्हें छोड़ने के लिए पैसे की मांग करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने दोनों भाइयों पर जबरन शराब तस्करी का आरोप लगाया है। दोनों भाइयों को छोड़ने के लिए पुलिसवालों ने उनके घरवालों से एक लाख रुपये की मांग रखी थी। दोनों भाइयों के पिता ने मामले की लिखित शिकायत कर एसपी को अवगत करवाया। एसपी ने पुलिसवालों को दोषी मानते हुए कार्रवाई करने की बात कही है। ये भी पढ़ें: बहराइच: सरकार का पैसा हड़पने की कोशिश में खुद फंस गए, पढ़िए कैसे?

कोतवाली नानपारा के लखैया बितनिया गांव के रहने वाले कुबेरनाथ के पुत्र धनपत और अजय को 12 जनवरी की रात 100 डायल वाहन नंबर यूपी 32 बीजी 1535 पर तैनात सिपाही अर्जुन सिंह, प्रमोद यादव और चालक सतीश कुमार सिंह ने शराब तस्करी के आरोप में घर से उठा लिया। बता दें कि दो दिन तक युवकों को नानपारा नगर के कतर्निया रोड़ पर स्थित एक भवन में बंधक बनाकर रखा गया।
वहीं, ये सिपाही जबरन उनसे शराब तस्करी करने की बात कबूल करवाना चाह रहे थे। लेकिन दोनों भाइयों ने शराब तस्करी करने की बात मानने से इंकार कर दिया जिसके चलते इन सिपाहियों ने उन्हें छोड़ने के एवज में उनके परिजनों से एक लाख रुपये की मांग की। इसी बात से परेशान पिता कुबेरनाथ ने कोतवाली नगर में तहरीर दी। साथ ही एसपी सालिकराम वर्मा को मामले से अवगत कराया। सिपाहियों द्वारा युवकों को बंधक बनाकर वसूली के मामले में एसपी ने सीओ नानपारा अजय भदौरिया को जांच के आदेश दिए है।
वहीं, सीओ ने प्रभारी निरीक्षक आलोक राव के साथ बंधक भाइयों के पिता द्वारा बताए गए स्थान पर छापा मारा और कमरे को खुलवाकर दोनों भाइयों को मुक्त कराया गया। ऐसे में पुलिस सुरक्षा में दोनों भाइयों को घर भेज दिया गया। इस मामले में पुलिस अधीक्षक सालिकराम वर्मा का कहना है कि डायल 100 के सिपाहियों द्वारा दो युवकों को बंधक बनाकर पीटने और वसूली करने की बात सही है। लेकिन सबसे पहले वसूली के मामले की पुष्टि की जा रही है। अभी जांच रिपोर्ट नहीं मिली है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि जिले में 100 डायल के वाहनों को लोगों की सुरक्षा के लिए मुस्तैद किया गया है। जिससे कि लोगों को संकट के समय में त्वरित सहायता मिल सके। लेकिन अपने शुरुआती दौर में ही 100 डायल पुलिस वाहनों के साथ ड्यूटी कर रहे सिपाही स्वयं वसूली में जुट गए हैं। ये भी पढ़ें: ट्रैफिक पुलिस के सिपाही पर लगा महिला को किडनैप करने का आरोप












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