Ayodhya Ram Mandir: तय सीमा से 3 महीने पहले बना राम मंदिर तो 2024 से पहले BJP को होंगे ये 4 बड़े फायदे
Ayodhya Ram Mandir before 2024 Election: उत्तर प्रदेश में राम मंदिर का निर्माण सितम्बर में यानी तय समयसीमा से तीन महीने पहले ही हो जाएगा। राजनीतिक विश्लेषकों की माने तो यदि ऐसा हुआ तो इससे बीजेपी को बड़ा फायदा हो सकता है।

Ayodhya Ram Mandir before 2024 Election: देश में अगले साल होने वाले आम चुनाव से पहले पीएम मोदी (Narendra Modi) और भारतीय जनता पार्टी (Bharitya Janta Party) की तरकश में एक और तीर आने वाला है। राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का दावा है कि अयोध्या में जिस तरह से राम मंदिर का निर्माण चल रहा है उसके अनुसार समय से तीन महीने पहले सितम्बर में ही पूरा हो जाएगा। राजनीतिक विश्लेषकों की माने तो समय से पहले राम मंदिर बनने का फायदा बीजेपी को जरूर मिलेगा। इससे बीजेपी को इसी साल होने वाले विधानसभा चुनावों में काफी फायदा मिलने की संभावना जतायी जा रही है।

हिन्दू वोटरों के बीच जाने में बीजेपी को होगी आसानी
दरअसल राम मंदिर आंदोलन एक ऐसा विषय था जिसको बीजेपी अस्सी के दशक से ही लड़ती आ रही है। बीजेपी ने तब से ही इस मुद्दे पर फोकस किया और इस मुद्दे को हमेशा चुनावी एजेंडे में रखा था। बीजेपी की कोशिश है कि यदि राम मंदिर समय से बन जाएगा तो इस मुद्द को आसानी से उठाया जाएगा। राम मंदिर एक ऐसा मुद्दा है जो बीजेपी को कई एंगल से फायदा पहुंचाता है। वरिष्ठ पत्रकार राजीव श्रीवास्तव की माने तो निश्चित तौर पर इस वर्ष राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव हों या फिर 2024 में होने वाला आम चुनाव हो इसका फायदा बीजेपी को मिलेगा। राम मंदिर इशू को बीजेपी ने अपन विषय बना रखा था। उसकी लड़ाई लड़ी हमने जो लड़ाई लड़ी थी वो अंजाम तक पहुंचाया। यह बात वो अपने हिन्दू वोटरों के बीच आसानी से पहुंचा सकता है।

विधानसभा चुनावों में हो सकता है हिन्दू-मुस्लिम ध्रुवीकरण
देश में अगले साल होने वाले आम चुनाव से पहले कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। इस बीच राम मंदिर का समय से पहले बन जाने की अटकलों ने एक बार फिर सियासी गर्मी को बढ़ा दिया है। इसी साल तीन राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव में भी इसका लाभ मिल सकता है। राजीव श्रीवास्तव कहते हैं कि राम मंदिर का मुद्दा राष्ट्रवाद का मुद्दा है और करोड़ों हिन्दुओं की आस्था का प्रतीक है। हिन्दुओं के लिए राम मंदिर मुद्दा सभी मुद्दों से बड़ा होता है और इसी को बीजेपी पूरी तरह से भुनाएगी ताकि कट्टर हिन्दुत्व के मुद्दे को धार दी जा सके।

हिन्दी बेल्ट के राज्यों में बीजेपी के मिल सकता है फायदा
अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण तेजी से हो रहा है। राम मंदिर एक ऐसा मुद्दा है जिसके सहारे बीजेपी क्षेत्रिय क्षत्रपों की जातिवादी राजनीति को आसानी से काट सकती है। राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव बीजेपी के लिए अहम हैं। 2024 से पहले 9 राज्यों में चुनाव होने हैं जिनमें मुख्यतौर पर राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश जैसे राज्य शामिल हैं। हिन्दी बेल्ट के इन राज्यों में दो राज्यों छत्तीसगढ़ और राजस्थान में बीजेपी की सरकार नहीं है जबकि मध्यप्रदेश में बीजेपी की सरकार चल रही है। राम मंदिर के समय से पहले बनने का फायदा खासतौर से इन तीन चुनावी राज्यों में बीजेपी को मिल सकता है।

लोकल इशू और जातिगत राजनीति को काउंटर करने में मिलेगी मदद
देश में अगले साल होने वाले चुनाव से पहले 9 राज्यों में होने वाले चुनावों को 2024 का सेमीफाइनल कहा जा रहा है। बीजेपी इन चुनावों में पूरा जोर लगाएगी। राजनीतिक जानकारों की माने तो राज्यों में होने वाले चुनावों में स्थानीय मुद्दे और जातिगत राजनीति हावी रहती है। इन मुद्दों के सहारे ही क्षेत्रिय क्षत्रप बीजेपी को कड़ी टक्कर दे पाते हैं। लेकिन यदि सितम्बर में राम मंदिर का निर्माण पूरा हुआ तो इसका चुनावी लाभ बीजेपी को मिल सकता है क्योंकि राम मंदिर ही एक ऐसा मुद्दा है जिसके माध्यम से लोकल इशू और जातिगत राजनीति से लड़ा जा सकता है।

ट्रस्ट की तरफ से किए गए ये दावे
राम मंदिर ट्रस्ट का दावा है कि राम मंदिर के गर्भगृह का निर्माण जिस गति से चल रहा है, उसे देखते हुए भरोसा है कि मंदिर का निर्माण दिसम्बर की समय सीमा से तीन महीने पहले इस साल सितंबर तक पूरा हो जाएगा। ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने कहा कि, हमें यकीन है कि गर्भगृह नियत तारीख से तीन महीने पहले पूरा हो जाएगा। इसलिए हमने समय सीमा दिसंबर 2023 से हटाकर सितंबर 2023 कर दी है। मंदिर के पहले चरण का लगभग 75% काम पूरा हो चुका है। मंदिर का निर्माण कार्य निर्धारित समय से आगे चल रहा है। जल्द ही गर्भगृह के करीब 200 नक्काशीदार बीम लगाने का काम शुरू होगा।












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