Ayodhya News: 20 हजार श्रद्धालु कलश यात्रा के साथ करेंगे महायज्ञ का शुभारंभ, 8 राज्यों के सीएम करेंगे भागीदारी
Ayodhya News: भगवान राम की नगरी अयोध्या एक बार फिर भक्ति की रंग में रंगने को तैयार है। रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के बाद पहली बार इतनी बड़ी धार्मिक हलचल देखने को मिल रही है। इस बार शहर एक ऐसे आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है, जो आध्यात्मिकता और संस्कृति दोनों का संगम होगा।
अयोध्या धाम में 14 अक्टूबर तक चलने वाले इस भव्य अनुष्ठान की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। देश के आठ राज्यों के मुख्यमंत्री, सैकड़ों साधु-संत और हजारों रामभक्त इसमें हिस्सा लेंगे। मंदिरों और मठों में सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ने लगी है।

शनिवार सुबह करीब दस बजे लगभग बीस हजार श्रद्धालु कलश यात्रा के साथ इस महायज्ञ की शुरुआत करेंगे। पूरे शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। आयोजन स्थल को फूलों, भगवा ध्वजों और पारंपरिक कलाकृतियों से सजाया गया है।
501 विद्वान करेंगे एक साथ श्रीरामार्चा महायज्ञ
जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी श्री वल्लभाचार्य महाराज ने बताया कि पहली बार देश में 501 वेदज्ञ विद्वान एक साथ श्रीरामार्चा महायज्ञ करेंगे। इस आयोजन को धर्म और संस्कृति के महाकुंभ के रूप में देखा जा रहा है।
श्रीरामहर्षण मैथिली सख्य पीठ धर्मार्थ सेवा ट्रस्ट और श्रीराम हर्षणम चारुशीला मंदिर, जानकी घाट द्वारा इसका आयोजन किया जा रहा है। ट्रस्ट के अनुसार, यह कार्यक्रम श्रद्धा, सेवा और संस्कृति की त्रिवेणी बनने जा रहा है।
गूंजेगी श्रीमद्भागवत और भक्तमाल कथा
वृंदावन के प्रसिद्ध संत मालूक पीठाधीश्वर स्वामी राजेंद्र दास जी महाराज अपने मुखारविंद से श्रीमद्भागवत कथा का प्रवचन देंगे। वहीं, स्वामी बिहारी दास जी महाराज भक्तमाल कथा सुनाएंगे। दोनों संतों की वाणी से राम नगरी अध्यात्म में डूब जाएगी।
हर दिन शाम पांच से आठ बजे तक संत सम्मेलन आयोजित होगा। इसमें सनातन धर्म के उत्थान, समाजिक एकता और अयोध्या के धार्मिक विकास पर चर्चा होगी। आयोजन समिति का कहना है कि हर सत्र प्रेरणादायी और ऐतिहासिक रहेगा।
संत समाज और योगगुरुओं का होगा विराट संगम
योगगुरु बाबा रामदेव सहित देशभर के प्रमुख संत और पीठाधीश्वर इस आयोजन में शामिल होंगे। विभिन्न अखाड़ों से सैकड़ों महापुरुषों के आने की पुष्टि हो चुकी है। संत समाज का यह समागम अयोध्या को नई आध्यात्मिक दिशा देगा।
भक्तों के ठहरने और प्रसाद वितरण के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। प्रशासन ने शहर में यातायात के वैकल्पिक मार्ग तय किए हैं। सुरक्षा बलों के साथ स्वयंसेवक भी सेवाकार्य में जुटे हैं।
राजनीतिक जगत के दिग्गज भी होंगे मौजूद
इस महायज्ञ में आठ राज्यों के मुख्यमंत्रियों को आमंत्रित किया गया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 8 या 9 अक्टूबर को शामिल होंगे, जबकि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 11 अक्टूबर को पहुंचेंगे।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव सहाय भी भगवान राम के ननिहाल से अयोध्या आएंगे। इसके अलावा देश के कई केंद्रीय मंत्री और सांसदों के भी इस धार्मिक महोत्सव में आने की संभावना है।
आयोजन समिति के अनुसार, यह महायज्ञ केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं बल्कि सनातन परंपरा के पुनर्जागरण का प्रतीक है। यहां एक ओर वैदिक मंत्रों की गूंज होगी, तो दूसरी ओर धर्म और समाज के नए विमर्श होंगे।
अयोध्या के मंदिरों में विशेष दीपोत्सव का आयोजन भी किया जाएगा। भक्तों के स्वागत में शहर के प्रवेश द्वारों पर विशाल तोरण द्वार बनाए जा रहे हैं। पूरा नगर राममय वातावरण में परिवर्तित हो चुका है।
भक्तों का कहना है कि यह आयोजन राम जन्मभूमि की पुनर्स्थापना के बाद आस्था का दूसरा स्वर्ण क्षण होगा। अयोध्या धाम अब केवल एक शहर नहीं, बल्कि श्रद्धा और आध्यात्मिकता की जीवंत तस्वीर बन गया है।












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