OI Exclusive: दोस्त की एक गलती ने बना दिया Shubhanshu Shukla को Astronaut! मां ने सुनाई दिल छू लेने वाली कहानी
Shubhanshu Shukla Astronaut Exclusive Hindi: भारत के लिए बेहद खास मिशन- Axiom-4 की कमान भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के हाथ में सौंपी गई। शुभांशु को इस मिशन का पायलट नियुक्त किया गया। मिशन का हिस्सा बनकर SpaceX Dragon से ISS (International Space Station) की ओर उड़ान भरी। शुभांशु शुक्ला सहित चार एस्ट्रोनॉट 26 जून को भारतीय समय के अनुसार शाम 4:01 बजे ISS पहुंचे थे। वहां उन्होंने कई प्रयोग किए। आखिर कार सकुशल शुभांशु शुक्ला 15 जुलाई को दोपहर 3 बजे (भारतीय समय के अनुसार) कैलिफोर्निया के समुद्र में लैंडिंग हुई।
खास बात यह है कि लखनऊ के त्रिवेणी नगर से फ्लोरिडा के स्पेस सेंटर तक पहुंचने के पीछे की कहानी की शुरुआत स्कूल में दोस्त की भूल से हुई थी - जब एक दोस्त की उम्र कम पड़ी, और शुभांशु के हाथ लग गया वो फॉर्म... जो उन्हें सीधे अंतरिक्ष की ओर ले गया। इस मुकाम तक पहुंचने की जो कहानी है - वो किसी फिल्म से कम नहीं। Oneindia Hindi ने शुभांशु की मां आशा शुक्ला से एक्सक्लूसिव बातचीत की। जानिए, कैसे शुरू हुई ये अद्भुत अंतरिक्ष यात्रा...

जब दोस्त की गलती बन गई शुभांशु की किस्मत
शुभांशु की मां आशा शुक्ला बताती हैं कि जब बेटा 12वीं में था, तब उसके एक दोस्त ने NDA का फॉर्म लाया। लेकिन उसकी उम्र 3 महीने कम थी। इस कारण फॉर्म शुभांशु को थमा दिया गया। घर में कोई जानकारी ही नहीं थी। शुभांशु ने यूं ही फॉर्म भर दिया, लेकिन लिखित परीक्षा में सिलेक्शन हो गया। यहीं से तय हो गया कि अब रास्ता 'आसमान' की तरफ है।
NDA से लेकर स्पेस तक... इतना लंबा सफर कैसे तय हुआ?
बहन सुचि शुक्ला ने बताया कि एक्सीलेंस शुभांशु की पहचान है। वो कभी मीडियॉकर चीजें नहीं करते। NDA में सिलेक्शन के बाद, इंडियन एयरफोर्स में उन्होंने फाइटर जेट्स उड़ाए - Su-30 MKI, MiG-29 जैसे टॉप एयरक्राफ्ट। फिर टेस्ट पायलट बने, रूस के यूरी गागरिन सेंटर से एस्ट्रोनॉट ट्रेनिंग ली, ISRO से जुड़े और उसके बाद अमेरिका की Axiom Space के साथ अंतरिक्ष में उड़ान भरी।

मां का विश्वास: 'होइहि सोइ जो राम रचि राखा'
शुभांशु की मां आशा ने बताया कि 'हमें गर्व है कि हमारा बेटा भारत का नाम दुनिया में रोशन कर रहा है। जब पूछा गया कि 'बेटे की 14 दिन की स्पेस यात्रा से डर तो नहीं लगा? मां आशा ने मुस्कुराकर कहा था- 'होइहि सोइ जो राम रचि राखा'।
लखनऊ से निकला 'भारत का अंतरिक्ष बेटा'
शुभांशु का घर त्रिवेणी नगर, लखनऊ में है। उनके पिता शंभू दयाल शुक्ला, लखनऊ स्थित सचिवालय से रिटायर्ड हैं। उनकी दो बहनें - निधि और सुचि हैं। पत्नी कामना पेशे से डेंटिस्ट हैं और उनका एक 6 साल का बेटा है।












Click it and Unblock the Notifications