Atiq and Ashraf: मरने से पहले अतीक ने बताए थे कई बेनामी सम्पत्तियों के राज, कई राज्यों में लगा है माफिया का का
उत्तर प्रदेश में इस समय अतीक अहमद की सरेआम हत्या चर्चा का विषय बनी हुई है। हालांकि इस दौरान पुलिस इस बात पर फोकस कर रही है कि अतीक की बेनामी सम्पत्तियां कहां कहां पर हैं और किनके नाम पर हैं।

Atiq Ahmad Updates: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में शनिवार को माफिया डॉन अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अतीक ने हत्या से पहले पुलिस की पूछताछ में कुछ अहम जानकारियां उपलब्ध कराईं थीं। पुलिस सूत्रों की माने तो गैंगस्टर से राजनेता बने अतीक अहमद के अवैध धन को न केवल रियल एस्टेट में लगाया गया बल्कि देश के कई राज्यों में उसने अपने सहयोगियों के माध्यम से हीरे की खानों, होटल व्यवसाय और डेयरियों में भी निवेश किया है।
पूछताछ में अतीक ने दी थी अहम जानकारियां
पुलिस सूत्रों का दावा है कि अतीक से पूछताछ में कुछ बड़े कारोबारियों के नाम सामने आए हैं जो विभिन्न बड़े प्रोजेक्ट्स में उसके साझीदार थे। उन्होंने गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई शहरों में विभिन्न व्यापारियों के साथ अपने निवेश के अलावा प्रयागराज, लखनऊ, दिल्ली, नोएडा और मुंबई में अपनी 'बेनामी' संपत्तियों का अधिग्रहण करने वाले लोगों के बारे में भी जानकारी दी।
साबरमती जेल से भी फैलाया था नेटवर्क
पुलिस सूत्रों की माने तो साबरमती जेल में रहते हुए अतीक अहमदाबाद के दो भाइयों का पार्टनर बन गया, जो रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े थे। गुजरात में अतीक के अन्य साझेदारों में बोहरा समुदाय के एक व्यवसायी और उसका बेटा शामिल थे जो अतीक के साथ गुजरात की साबरमती जेल में बंद थे। पुलिस ने रिमांड के दौरान अतीक से उसकी 'बेनामी' संपत्तियों के बारे में पूछताछ की थी जिसमें उसने ये बातें साझा की थीं।
होटल व्यवसायी और हीरे के व्यवसायियों के यहां लगाया था पैसा
कुछ साल पहले ललितपुर जेल में रहते हुए अतीक ने मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में हीरा खनन में निवेश किया था। हालांकि, 2019 में साबरमती जेल में स्थानांतरित किए जाने के बाद अतीक का हीरे के व्यवसायी के साथ पैसे का विवाद हो गया। इसके अलावा अतीक अहमद के माउंट आबू के एक बड़े होटल व्यवसायी से भी व्यापारिक संबंध थे ऐसा पुलिस सूत्रों का दावा है।
दिल्ली के कई लोगों के बिजनेस में साझीदार था अतीक
पुलिस सूत्रों का दावा है कि अतीक ने दिल्ली में कई अन्य व्यवसायियों के नामों का उल्लेख किया जिनके साथ वह व्यवसायों में साझेदारी कर रहा था। इन नामों में राजौरी गार्डन का एक व्यापारी, ओखला विहार के शाहीन बाग का एक व्यापारी, नूर नगर में एक डेयरी का मालिक और दिल्ली के जाकिरबाग इलाके के दो व्यक्ति शामिल हैं। अधिकारियों ने कहा कि इन लोगों के पास नोएडा और दिल्ली में अतीक की 'बेनामी' संपत्तियां हैं।
मुंबई-मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में लगा है अतीक का काला धन
अधिकारियों ने कहा कि अतीक ने पुलिस को मुंबई में कुछ 'बेनामी' संपत्तियों के बारे में भी बताया था जिसके बारे में आगे की जांच की जा रही है। इसके अलावा प्रयागराज में अतीक के सहयोगियों के बारे में पूछताछ से पता चला कि वह रियल एस्टेट क्षेत्र में इमरान ज़ई, जीशान ज़ई, मोहम्मद मुस्लिम और कौशांबी के कुछ अन्य लोगों के साथ काम कर रहा था। रियल एस्टेट प्रोजेक्टस बीरमपुर, बख्शी, लखनपुर, सैदपुर, रावतपुर, करेहंडा और अन्य क्षेत्रों में 1,000 बीघा भूमि में फैली हुई थी। इसके अलावा, अतीक और अशरफ प्रयागराज और लखनऊ में रियल एस्टेट कारोबार में शामिल आठ फर्म भी चला रहे थे।












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