खून से लथपथ महिला पहुंची अस्पताल, आशाबहू ने उठाया फायदा
रायबरेली। ब्लीडिंग होने पर जिला महिला अस्पताल पहुंची एक महिला से पर्चा बनवाने के नाम पर 200 रुपये वसूले गए। इसके अलावा महिला चिकित्सक को दिखाने के लिए भी 900 रुपये वसूलने का आरोप है। इस मामले की शिकायत मिलने के बाद सीएमओ ने दो एसीएमओ की जांच टीम गठित करके तत्काल जांच करके रिपोर्ट देने के आदेश दिए है। सीएमओ ने निर्देश दिए है कि आशा बहू दोषी मिले तो उसे सेवा से मुक्त कर दिया जाए और अन्य दोषीयों पर कार्रवाई की जाए।

शहर के सरोजनी नगर में रहने वाली शिक्षिका मालती सिंह कुछ दिन पहले रात को अपनी बहू को लेकर जिला महिला अस्पताल पहुंची। ब्लीडिंग होने के कारण बहू की हालत खराब हो रही थी। अस्पताल की इमरजेंसी वार्ड में पहुंचते ही पर्चा बनवाने के लिये शिक्षिका से आशाबहू ने 200 रुपये वसूले। इसके अलावा महिला डॉक्टर को दिखाने के लिये 900 रुपये लेने का भी आरोप है। इस मामले में सीएमओ को दिए गए शिकायती पत्र में मालती सिंह के पति यशकरन सिंह ने आरोप लगाया कि आशाबहू द्धारा 1100 रुपये वसूलने के बाद ही उनकी पत्नी का इलाज शुरु किया गया। उन्होंने सीएमओ को शिकायती पत्र देकर मामले की जांच कराकर उचित कार्रवाई की मांग की। साथ ही दोषीयों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

सीएमओ ने मामले को गंभीरता से लेते हुये एसीएमओ डॉ. एसके चक और डॉ. कृष्णा सोनकर की टीम गठित कर दी है। टीम को दो दिन में जांच करके रिपोर्ट देने के आदेश दिए है। दोषी पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए है। जांच के आदेश के बाद हड़कंप मच गया है।
आशाबहुएं खूब करती हैं खेल
जिला महिला अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं और अन्य महिलाओं से बात करने पर पता चला कि इलाज के लिए पहुंचने पर यहां आशाएं जमकर खेल करती है। अल्ट्रासाउंड कराने के नाम पर 100 रुपये, ब्लड की जांच के नाम पर 60 रुपये तक प्रसूताओं से वसूलती है। इसके अलावा रात में भी इमरजेंसी में प्रसूता के पहुंचने पर सभी को खुश करना पड़ता है।












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