Arun Govil: आज BJP के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले 'राम' कभी थे कांग्रेसी, प्रयागराज में किया था प्रचार
BJP Candidate Arun Govil: उत्तर प्रदेश की मेरठ लोकसभा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे टीवी सीरियल रामायाण के 'राम' अरुण गोविल चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं। पीएम मोदी ने रविवार 31 मार्च को मेरठ से ही अपने इलेक्शन कैंपेन की शुरुआत भी की।
लेकिन कम ही लोगों को इस बात की जानकारी होगी कि आज भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले अरुण गोविल कभी कांग्रेसी थे। इतना ही नहीं अरुण गोविल ने कांग्रेस प्रत्याशी के लिए प्रचार की कमान भी संभाली थी।

राजीव गांधी के कहने पर किया था प्रचार
दरअसल, एक वक्त ऐसा भी था, जब अरुण गोविल कांग्रेस में शामिल हुए थे। राजीव गांधी के कहने पर उन्होंने चुनाव प्रचार किया और कांग्रेस के पक्ष में मतदान की अपील भी की।
प्रयागराज लोकसभा सीट पर उपचुनाव
कांग्रेस के समर्थन में अभिनेता अरुण गोविल चुनाव प्रचार करने के लिए प्रयागराज (तब के इलाहाबाद) आए थे। बात साल 1988 की है, जब प्रयागराज लोकसभा सीट पर उपचुनाव हो रहे थे। फिल्म स्टार अमिताभ बच्चन के इस्तीफे के बाद खाली हुई सीट पर उपचुनाव में कांग्रेस ने पूर्व प्रधानमंत्री वीपी सिंह के खिलाफ प्रचार करने के लिए अरुण गोविल को बुलाया था।
'राम' के नाम पर मांगा था वोट
अयोध्या में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम को भाजपा का आयोजन बताकर दूरी बनाने वाली कांग्रेस ने प्रयागराज में अपनी किला बचाने के लिए 'राम' के नाम पर वोट मांगा था। उस वक्त बोफोर्स कांड में चौतरफा घिरी राजीव गांधी सरकार से वीपी सिंह ने इस्तीफा दिया और 1988 में इलाहाबाद लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा।
इधर, वीपी सिंह के खिलाफ कांग्रेस ने पूर्व पीएम लाल बहादुर शास्त्री के पुत्र सुनील शास्त्री को खड़ा किया था। मालूम हो कि बोफोर्स कांड के बाद खुद कांग्रेस के नेताओं ने बगावती तेवर अख्तियार कर लिए थे, जिसमें सबसे बड़ा नाम वीपी सिंह का भी था।
अमिताभ के इस्तीफे के बाद खाली हुई सीट
उस वक्त अभिनेता अमिताभ बच्चन प्रयागराज के सांसद थे। उनका नाम भी बोफोर्स कांड में आने के बाद अमिताभ बच्चन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जिसकी वजह से प्रयागराज सीट खाली हुई थी।
साल 1988 में अरुण गोविल को राजीव गांधी ने कांग्रेस की सदस्यता दिलवाई और उन्हें चुनाव लड़ने के लिए भी कहा था, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया, हालांकि कांग्रेस उम्मीदवार के लिए अरुण गोविल ने प्रचार किया, लेकिन कांग्रेस प्रत्याशी को जीत नसीब नहीं हो पाई।
बता दें कि उस वक्त के उपचुनाव में वीपी सिंह को भारी मतों से जीत मिली और कांग्रेस उम्मीदवार सुनील शास्त्री को 1.10 लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से करारी हार का सामना करना पड़ा।












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