Anil Dujana Encounter: गैंगस्टर अनिल दुजाना कौन था, इंदिरा गांधी को धमकी देने वाले से था क्या कनेक्शन? जानिए
Anil Dujana gangster: यूपी पुलिस ने अतीक अहमद के बेटे असद को एनकाउंटर में मार गिराने के बाद दूसरा हाई प्रोफाइल एनकाउंटर किया है। अनिल दुजाना पश्चिमी यूपी का खौफ था।

Anil Dujana latest news: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स ने कुख्यात गैंगस्टर अनिल दुजाना को एक एनकाउंटर में मार गिराया है। गुरुवार को यह एनकाउंटर मेरठ जिले में हुआ। अनिल दुजाना का असली नाम अनिल नागर था। वह गौतम बुद्ध जिले के बादलपुर थाने के दुजाना गांव का रहने वाला था, इसलिए अनिल दुजाना के नाम से खौफ का दूसरा नाम बन चुका था। (तस्वीर-फाइल)
कौन था गैंगस्टर अनिल दुजाना?
अनिल दुजाना एक संगठित अपराधी गिरोह का सरगना बन चुका था और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उसने अपने नाम का खौफ बना रखा था। उसपर 62 आपराधिक मामले दर्ज थे, जिसमें से 18 हत्या, उगाही, डकैती, लूट, जमीन पर कब्जा और जमीन से जबरन बेदखली के मामले दर्ज थे।
नोएडा में अनिल दुजाना के सिर पर था 50,000 रुपए का इनाम
2021 के दिसंबर में अनिल दुजाना को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने नोएडा से सटे मयूर विहार इलाके से गिरफ्तार किया था। बाद में वह फरार हो गया था। दुजाना के सिर पर नोएडा पुलिस ने 50,000 रुपए का इनाम रखा था और बुलंदशहर पुलिस ने 25,000 रुपए का।
यूपी के मोस्ट वांटेड अपराधियों की लिस्ट में शामिल था
वह यूपी के मोस्ट वांटेड अपराधियों की लिस्ट में शामिल था। उसके खिलाफ नेशनल सिक्योरिटी ऐक्ट और गुंडा ऐक्ट जैसे कई गंभीर धाराओं में भी केस दर्ज थे। वह साल 2012 से जेल में था, लेकिन 2021 में जमानत पर छूटा था। बाद में कई मामलों में पेश नहीं होने के बाद एक अदालत ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था।
एक मामले में तीन साल की सजा भी हुई थी
बादलपुर अदालत से उसे एक मामले में तीन साल की सजा भी मिल चुकी थी। दुजाना के बारे में कहा जाता है कि आपसी रंजिश और जातीय दुश्मनी और मामूल झगड़ों में शामिल होकर वह कब बड़ा अपराधी बन गया, पता ही नहीं चला।
सुंदर डाकू ने दी थी इंदिरा गांधी को धमकी
1970-80 के दशक की बात है। सुंदर नागर या सुंदर डाकू दहशत का दूसरा नाम बन चुका था। वह इतना दुस्साहसी हो चुका था कि उसने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी तक को जान से मारने की धमकी दे डाली थी।
सुंदर डाकू के गांव का रहने वाला था अनिल दुजाना
तथ्य ये है कि सुंदर डाकू भी गौतम बुद्ध नगर के बादलपुर के उसी दुजाना गांव का रहने वाला था, जहां अनिल दुजाना का घर है। यह अपनी दुश्मनी के चलते अपने बड़े भाई को पहले ही गंवा चुका था।
असद के बाद दूसरा हाई प्रोफाइल एनकाउंटर
उत्तर प्रदेश में माफिया और गैंगस्टर के खिलाफ जो कार्रवाई कर रही है, उसी की अगली कड़ी में अनिल दुजाना का नाम भी शामल हो चुका है। इससे पहले यूपी एसटीएफ ने एक और हाई प्रोफाइल एनकाउंटर में माफिया अतीक अहमद के बेटे असद को झांसी में ऐसे ही एनकाउंटर में मार गिराया था।
असद पर उमेश पाल की हत्या में शामिल होने का आरोप था। बाद में अतीक अहमद और उसके भाई की भी पुलिस की मौजूदगी में अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।












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