सपा-बसपा के गढ़ में मोदी का डंका, दशकों की वोटबैंक ध्वस्त
यूपी में सपा और बसपा के गढ़ का विश्लेषण, दोनों ही दल अपने घर में पूरी तरह से लोगों का समर्थन खो चुके हैं।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के चुनाव में भाजपा ने ना सिर्फ प्रचंड बहुमत हासिल की है बल्कि सपा और बसपा के किले में भी जबरदस्त सेंधमारी की है। भाजपा ने सपा और बसपा के उस गढ़ में सेंधमारी की है जहां दो दशक से अधिक इन दोनों दल का वर्चस्व था। भाजपा ने एक तरफ जहां यूपी में 312 सीटें जीती वहीं सपा सिर्फ 19 सीटों पर सिमट गई। 2012 में बसपा के पास 80 सीटें थी लेकिन इस बार बसपा अपनी पूरी जमीन को खो चुकी है। 1991 के बाद बसपा का यह सबसे खराब प्रदर्शन है, उस वक्त बसपा के खाते में 12 सीटें थे।
इसे भी पढ़ें- बीजेपी ने उत्तर प्रदेश में जीत के लिए अपनाए ये 10 फॉर्मूले

सपा का सबसे बदतर प्रदर्शन
सपा ने इस चुनाव में सिर्फ 47 सीटें हासिल की जोकि 1992 के बाद पार्टी का सबसे खराब प्रदर्शन है, सपा का सबसे खराब प्रदर्शन 2007 में था, उस वक्त पार्टी को 97 सीटें हासिल हुई थी। सपा का वोट फीसदी इस बार 21.8 फीसदी है जबकि बसपा का इस बार 22.2 फीसदी वोट है। इस चुनाव में बसपा ने सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जबकि सपा ने 105 सीटों को कांग्रेस को दिया था और बाकी की 298 सीटों पर चुनाव लड़ा था।

विपक्ष के पास 403 में से सिर्फ 75 सीट
यूपी में भाजपा ने किस तरह की जीत हासिल की है उसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि 403 विधानसभा सीटों वाले प्रदेश में पूरे विपक्ष के पास सिर्फ 75 सीटें मिली है। भाजपा की जीत ने मायावती के राज्यसभा पहुंचने तक के रास्ते को बंद कर दिया है।
सपा के वोटों का इतिहास प्रतिशत
2017 में 47 सीटें- 21.8 फीसदी वोट
2012 में 224 सीटें - 29.13 फीसदी वोट
2007 में 97 सीटें- 25.43 फीसदी वोट
1996 में 110 सीटें- 21.80 फीसदी वोट
1993 में 109 सीटें- 17.94 फीसदी वोट
बसपा के वोटों का इतिहास
2017 में 19 सीटें- 22.2 फीसदी वोट
2012 में 80 सीटें - 25.91 फीसदी वोट
2007 में 206 सीटें- 30.43 फीसदी वोट
1996 में 67 सीटें- 19.64 फीसदी वोट
1993 में 67 सीटें- 11.12 फीसदी वोट

सपा के गढ़ में खिला कमल
सपा अपने गढ़ में काफी बुरी तरह से पराजित हुई, पार्टी अपने गढ़ इटावा में पांच में से चार सीटों पर चुनाव हार गई, बदायूं की छह में से पांच सीटों पर हार गई, फिरोजाबाद की पांच में से चार सीटों पर हार गई, वहीं इटावा में भी पार्टी तीन में से दो व कन्नौज में तीन में से दो सीटों पर हार गई। सपा गाजियाबाद में सिर्फ एक सीट जीत सकी, जबकि 2012 में यहां की सात में से छह सीटों पर सपा को जीत हासिल हुई थी। जौनपुर में सपा छह से सिर्फ तीन सीट पर सिमट गई, वहीं 2012 में सपा ने आजमगढ़ में 9 सीटें जीती थी लेकिन इस बार वहां पार्टी सिर्फ पांच सीटें ही जीत सकी।

सपा के मंत्रियों की भी दुर्दशा
सपा की दुर्दशा का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पार्टी के 25 कैबिनेट मंत्रियों में से सिर्फ 10 मंत्री ही अपनी सीट बचा सके, हारने वालों में गायत्री प्रजापति, अरविंद सिंह गोप, कमाल अख्तर, रविदास मेहरोत्रा और अभिषेक मिश्रा जैसे नाम भी शामिल हैं।

शिवपाल-साधना गुप्ता अखिलेश के लिए नई चुनौती
हालांकि शिवपाल यादव ने जसवंतनगर में जीत हासिल की है लेकिन जिस तरह से उन्होंने जीत के बाद बयान दिया है उससे साफ है कि वह अखिलेश के लिए आने वाले समय में और मुश्किलें बढ़ाएंगे। यही नहीं अखिलेश की सौतेली मां साधना ने भी हाल ही में कहा था कि वह राजनीति में आना चाहती थी लेकिन अब वह चाहती हैं कि उनका बेटा प्रतीक यादव राजनीति में आए और सांसद बने।

मायावती का राजनीतिक अस्तित्व खतरे में
एक तरफ यूपी में जहां सपा की जबरदस्त हार हुई तो दूसरी तरफ बसपा अपना पूरा जनाधार खो चुकी है। 2012 में हार के बाद जिस तरह से बसपा 2014 के लोकसभा चुनाव में शून्य पर सिमट गई थी उसके बाद कयास लगाए जा रहे थे कि मायावती इस बार के चुनाव में कुछ बड़ा बदलाव लाने में सफल होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। चुनाव से पहले ही बसपा के कई बड़े नेताओं ने पार्टी का साथ छोड़ दिया।

दलितों के लिए आरक्षित 84 सीटों पर मायावती का सूपड़ा साफ
यूपी में दलितों के लिए आरक्षित 84 सीटों में से बसपा इस बार सिर्फ दो सीटें जीत सकी और कई जगहों पर अपनी पारंपरिक सीटों को गंवा दिया। आगरा में पार्टी नौ में से एक भी सीट हासिल नहीं कर सकी, आगरा को दलितों की राजधानी के तौर पर जाना जाता है जहां पार्टी हमेशा से ही बेहतर प्रदर्शन करती थी, यहां 2012 में बसपा ने छह सीटों पर जीत दर्ज की थी। आगरा के अलावा सीतापुर को भी दलितों का बड़ा गढ़ माना जाता है लेकिन यहां बी बसपा सिर्फ एक सीट हासिल कर सकी और बाकी की सभी सीटों पर पार्टी तीसरे स्थान पर रही। अंबेडकर नगर में बसपा सिर्फ तीन सीटें हासिल कर सकी, जिसमें अकबरपुर भी शामिल है, जहां से बसपा के प्रदेश अध्यक्ष राम अचल राजभर उम्मीदवार थे।

दलितों के गढ़ में मायावती का सफाया
दलितों की बड़ी आबादी वाले जिलों उन्नाव, सीतापुर, सोनभद्र, हरदोई, आजमगढ़, औरईया, बाराबंकी, चित्रकूट, चंदौली, फतेहपुर, जालौन, झांसी, कौशांबी, खीरी, ललितपुर, महोबा, मिर्जापुर, रायबरेली में बसपा को बुरी हार का सामना करना पड़ा। कौशांबी की सभी तीन सीटों पर बसपा हार गई, यहां 36 फीसदी दलित आबादी है, लेकिन यहां की हार से साफ है कि यह वोट भाजपा के खाते में गया है। चार बार के बसपा विधायक इंद्रजीत सरोज भी मांझापुर से चुनाव हार गए।

मायावती का मुस्लिम-दलित समीकरण ध्वस्त
चुनाव के नतीजे इस बात की ओर इशारा करते हैं कि भाजपा ने ना सिर्फ गैर यादव औबीसी वोटों में सेंधमारी की है बल्कि गैर जाटव दलित वोटों में भी सेंधमारी की है। वहीं बुंदेलखंड की सभी 19 सीटों पर भाजपा ने भारी जीत हासिल की। जिस तरह से मायावती ने प्रदेश में मुस्लिमों व दलितो को एकजुट करने की कोशिश करते हुए 100 मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिया वह बुरी तरह से विफल हुआ। वहीं आखिर समय में गैंगस्टर मुख्तार अंसारी का बसपा में शामिल होना फायदेमंद साबित हुआ लेकिन उनका बेटा अब्बास और बाई सिबगतुल्लाह अंसारी अपनी सीटें घोसी और मोहम्मदाबाद से चुनाव हार गए।
-
Trump PM Modi Talks: 'होर्मुज' तेल के रास्ते पर ट्रंप ने PM मोदी से क्या-क्या कहा? US-Iran तनाव के बीच मंथन -
UDAN 2.0 Scheme: देश में 100 नए एयरपोर्ट बनाए जाएंगे, केंद सरकार ने उड़ान-2.0 योजना को दी मंजूरी -
Delhi: गैस किल्लत पर भड़कीं आम आदमी पार्टी, दिल्ली विधानसभा के बाहर विधायकों ने किया प्रदर्शन -
PM Modi ने मिडिल ईस्ट युद्ध पर दी सख्त चेतावनी, जंग जारी रही तो भुगतने पड़ेगे गंभीर दुष्परिणाम -
Women Reservation: 2029 से पहले 33% महिला आरक्षण! लोकसभा सीटें 816, महिला MP की संख्या 273, हर डिटेल -
धामी सरकार के चार साल पूरे होने पर पीएम मोदी ने बधाई संदेश में कही बड़ी बातें, जानिए क्या -
Badshah Caste: बॉलीवुड के फेमस रैपर बादशाह की क्या है जाति? क्यों छुपाया असली नाम? कौन-सा धर्म करते हैं फॉलो? -
क्या भारत में 'LOCKDOWN' लगने वाला है? दुनियाभर में Energy Lockdown की शुरुआत! तेल संकट से आप पर कितना असर -
Gold Rate Today: सोने के दामों में मामूली उछाल, निवेशक हैरान, कहां पहुंचा 24, 22 और 18 कैरट का भाव? -
Gold Silver Rate Today: सोने चांदी में जबरदस्त गिरावट, गोल्ड 8000, सिल्वर 13,000 सस्ता, अब ये है लेटेस्ट रेट -
LPG Cylinder Price Today: आज बदल गए रसोई गैस के दाम? सिलेंडर बुक करने से पहले चेक करें नई रेट लिस्ट -
'Monalisa को दीदी बोलता था और फिर जो किया', शादी के 13 दिन बाद चाचा का शॉकिंग खुलासा, बताया मुस्लिम पति का सच












Click it and Unblock the Notifications