बीमारू से बेमिसाल बना UP: 76वें स्थापना दिवस के जश्न में शामिल हुए अमित शाह, योगी के विकास मॉडल की हुई सराहना
Amit Shah Arrives in Lucknow: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार को उत्तर प्रदेश के स्थापना दिवस समारोह में शामिल होने के लिए लखनऊ पहुंचे। अमौसी हवाई अड्डे पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। यह दौरा राज्य के 76वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों का हिस्सा है, जिसमें राज्य की सांस्कृतिक और विकासपरक उपलब्धियों का प्रदर्शन किया जा रहा है।
अमित शाह के स्वागत के लिए एयरपोर्ट पर उत्तर प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे। स्वागत समारोह में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने गृह मंत्री का अभिनंदन किया।

इससे पहले दिन में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के 76वें स्थापना दिवस के अवसर पर राज्य की जनता को अपनी शुभकामनाएं दीं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक संदेश साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने भारतीय संस्कृति और विरासत को समृद्ध करने में उत्तर प्रदेश के 'अमूल्य योगदान' की सराहना की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के निवासियों ने सदियों से देश की सांस्कृतिक पहचान को संजोने और उसे आगे बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई है।
बीमारू से अनुकरणीय राज्य तक का सफर
प्रधानमंत्री मोदी ने राज्य के पिछले नौ वर्षों के परिवर्तन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ने 'बीमारू' राज्य की श्रेणी से निकलकर एक 'अनुकरणीय राज्य' बनने तक का सफर तय किया है। पीएम ने इस सफलता का श्रेय 'डबल इंजन' सरकार की नीतियों और जनता की सक्रिय भागीदारी को दिया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तर प्रदेश की असीम क्षमता भारत को विकसित राष्ट्र बनाने और देश की प्रगति की गति को बनाए रखने में अत्यंत मूल्यवान साबित होगी।
विकास का 'ग्रोथ इंजन' बना उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक लेख के माध्यम से राज्य की विकास यात्रा को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ने "अवरोध से सफलता" (Bottleneck to Breakthrough) और "राजस्व घाटे से राजस्व अधिशेष" (Revenue Deficit to Revenue Surplus) तक का सफर तय किया है।
सीएम योगी ने गर्व के साथ कहा कि आज उत्तर प्रदेश न केवल अपनी कानून-व्यवस्था के लिए जाना जाता है, बल्कि यह भारत के विकास का 'ग्रोथ इंजन' बनकर उभरा है। उन्होंने इस दिन को 'उत्तर प्रदेश दिवस' के रूप में मनाते हुए राज्यवासियों के गौरव को साझा किया।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और सांस्कृतिक विरासत
ऐतिहासिक दृष्टि से, भारतीय संविधान के लागू होने से ठीक दो दिन पहले 24 जनवरी 1950 को तत्कालीन 'यूनाइटेड प्रोविंस' का नाम बदलकर 'उत्तर प्रदेश' किया गया था। गंगा, यमुना और सरयू जैसी पवित्र नदियों की गोद में बसा यह राज्य ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आधुनिकता का एक अनूठा संगम है। यह राज्य सदियों से आध्यात्मिक चेतना का केंद्र रहा है, जहां वाराणसी, अयोध्या, मथुरा, वृंदावन और प्रयागराज जैसे प्राचीन शहर स्थित हैं।












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