ऑक्सीजन न मिलने से एंबुलेंस में चली गई थी जान, चालक व ईएमटी पर हुई कार्रवाई
सहारनपुर। 108 एम्बुलेन्स में ऑक्सीजन न होने की कमी से मरीज की हुई मौत के मामले में डीएम और मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी ने मामले का संज्ञान लेते हुए ठोस कदम उठाया है। मृतक की पत्नी की फरियाद पर मामले में न सिर्फ जांच बैठा दी गई है, बल्कि 108 एम्बुलेंस पर तैनात आरोपी ईएमटी और एम्बुलेन्स चालक को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है।

सिलेंडर में ऑक्सीजन ना होने की बात छिपाई
मालूम हो कि थाना जनकपुरी क्षेत्र के पुष्पांजलि विहार निवासी उमेश शर्मा ने एंबुलेंस 108 में तबीयत खराब होने के चलते अस्पताल लाते समय ऑक्सीजन की कमी के कारण गाड़ी में ही तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया था। परिजनों के मुताबिक, तबीयत खराब होने पर जब एंबुलेंस को घर बुलाया गया था तो मरीज को उसमें शिफ्ट करते समय चालक ने एंबुलेंस में ऑक्सीजन सिलेंडर होने की बात कही थी। मगर अस्पताल लाते समय मरीज को ऑक्सीजन नहीं लगाई गई और ईएमटी व चालक 10 मिनट में ही अस्पताल पहुंच जाने की बात कहते हुए टरकाते रहे। ऑक्सीजन न मिलने से अस्पताल पहुंचने से पहले ही उमेश शर्मा की मौत हो गई। चिकित्सकों ने भी बताया था कि यदि समय रहते उमेश शर्मा को ऑक्सीजन दे दी जाती तो उसकी जान बच सकती थी।
जांच का दिया गया आदेश
108 एम्बुलेन्स की ओर से की गई इस बड़ी लापरवाही के मामले में सीएमओ बी.एस. सोढी ने 108 एम्बुलेंस सर्विस के मैनेजर से बात करके पूरे मामले की जांच बैठा दी है। सीएमओ ने मामले में डॉ.ए.के. त्रिपाठी को जांच अधिकारी बनाकर जल्द से जल्द रिपोर्ट तैयार करने के आदेश दिए हैं। साथ ही ईएमटी और एम्बुलेन्स चालक को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है।
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
मृतक उमेश शर्मा की पत्नी ने 108 एम्बुलेन्स चालक व ईएमटी पर आरोप लगाया था कि उनके पति की अचानक तबीयत खराब होने के बाद जब एम्बुलेन्स को घर बुलाया गया, तो चालक से एम्बुलेन्स में ऑक्सीजन होने की बात पूछी गई थी। इस पर चालक ने सहमति दी थी, लेकिन जब रास्ते में मरीज की तबीयत खराब होने लगी, तो परिजनों के कहने के बाद भी चालक, इएमटी ने मरीज को ऑक्सीजन नहीं दिया। इससे मरीज की मौत हो गई, क्योंकि एम्बुलेंस में ऑक्सीजन नहीं थी।
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