यूपी: अमर सिंह ने दिया विवादित बयान, कहा- जयाप्रदा अगर बोल दें 'मीटू' तो आजम को जाना होगा जेल
आगरा। देशभर में 'मीटू' कैंपेन ने तहलका मचा रखा है। फिल्म इंडस्ट्री से लेकर राजनीति तक हर जगह इसे लेकर चर्चा गर्म है। एक तरफ जहां फिल्मी हस्तियों पर यौन शोषण के आरोप लग रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ कई राजनेताओं पर भी यौन शोषण के आरोप लगे। इसी बीच अमर सिंह ने एक विवादित बयान दिया है। अमर सिंह ने जयाप्रदा से आजम खान को जोड़ते हुए कहा कि अगर जयाप्रदा ने 'मीटू' कह भर दिया तो सपा के बड़े नेता आजम खान जेल पहुंच जाएंगे। फिरोजाबाद में मंगलवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान अमर सिंह ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए का को वो नारी सम्मान के पक्ष में हैं। उन्होंने कहा कि नारी सम्मान के लिए कोई भी कैंपेन अगर चलाया जाएगा तो वे उसका समर्थन करेंगे। लेकिन बावजूद इसके अमर सिंह ने 'मीटू' को लेकर सवाल भी किया?

मीटू को लेकर किया सवाल
अमर सिंह ने फिल्म अभिनेता जितेंद्र का उदाहारण देते हुए यह कहा कि पिछले दिनों उनपर एक महिला ने आरोप लगाया था कि जितेंद्र ने महिला का यौन शोषण किया। लेकिन क्या वो महिला इस बात को साबित कर पाई। 'मीटू' एक अच्छी पहल है लेकिन इसका गलत इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। अगर आरोप लगाने वाली महिला यह साबित कर देती है कि उसके साथ दुर्व्यवहार हुआ है तब तक ठीक है, पर क्या सिर्फ आरोप लगा देना भर ही काफी है, यह एक बड़ा सवाल है।

खुद को बताया असुरक्षित
मीटू को लेकर अमर सिंह ने खुद को भी असुरक्षित बताया। उन्होंने कहा कि मैं इस प्रकार का सवाल 'मीटू' को लेकर इसलिए कर रहा हूं ताकि लोग सुरक्षित रहें। वरना ऐसे तो कोई भी उठकर आएगा और मुझपर भी आरोप लगा सकता है। इसी को लेकर अमर सिंह ने 'मीटू' को खुद के लिए खतरा बताया। अमर सिंह ने इसी बीच पूरे 'मीटू' मामले को पौराणिक कथाओं से जोड़ दिया। उन्होंने कहा कि यह मूवमेंट कोई आज का नहीं है। यह पौराणिक काल में भी होता रहा है। उन्होंने कहा कि इंद्र जब विश्वामित्र की तपस्या से परेशान हो गए थे तब उन्होंने मेनका को भेजा ताकि वो विश्वामित्र के तपस्या को भंग कर सके। अगर पुराणों के हिसाब से बात करें तो और उन्हें सत्य माने तो विश्वामित्र के साथ भी 'मीटू' हुआ था।

पौराणिक कथाओं में मीटू शामिल
अमर सिंह ने 'मी टू' को पौराणिक काल से जोड़ दिया। उन्होंने कहा कि इंद्र जब विश्वामित्र के तप से परेशान हो गए थे तो उन्होंने मेनका को भेजा था। अगर पुराणों की सत्य मानें तो विश्वामित्र का 'मी टू' हुआ था। वो पुरुष थे।












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