गुजरात/हिमाचल के भविष्य के बीच यूपी सरकार में घोटाले का आरोप
ग्राम प्रधानों को इस कार्य की जिम्मेदारी दी गई और पंचायत सचिव उस पर रिपोर्ट तैयार कर रहे थे। सन 2002 में शुरू हुए इस निर्माण में सचिव की मदद से गजब का खेल खेला गया।
इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश में शौचालय निर्माण को लेकर बड़ा घोटाला सामने आया है। मामले में 199 ग्राम प्रधान एवं पंचायत सचिव के खिलाफ इलाहाबाद में मुकदमा दर्ज किया गया है। घोटाले में अब तक 51 लाख से ज्यादा रुपए के गबन की पुष्टि हो चुकी है। मुकदमे के अनुसार 108 ग्राम प्रधान और 108 पंचायत सचिव पर भ्रष्टाचार और घोटाले का आरोप है। जबकि 17 अन्य आरोपियों की मौत हो चुकी है। इन सभी के विरुद्ध अमानत में खयानत मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। अब इन पर कार्रवाई के लिए पुलिस अपनी रणनीति तैयार कर रही है। मामले में हाईकोर्ट ने अपर मुख्य सचिव को तलब कर कार्रवाई का आदेश भी दे दिया है।

2002 से 2006 के बीच हुआ घोटाला
उत्तर प्रदेश में स्वच्छता अभियान के तहत सन 2002 में शौचालय निर्माण कार्य गांव गांव में शुरू हुआ। ग्राम प्रधानों को इस कार्य की जिम्मेदारी दी गई और पंचायत सचिव उस पर रिपोर्ट तैयार कर रहे थे। सन 2002 में शुरू हुए शौचालय निर्माण में सचिव की मदद से गजब का खेल खेला गया और बिना शौचालय बने ही लाखों रुपए हड़प लिया गए, लोगों के नाम पर शौचालय का आवंटन हुआ उनके घर फर्जी तौर पर यानि कागज में शौचालय निर्माण दिखाया गया और 51 लाख 24 हजार रुपए इन लोगों के जेब में चला गया।

शिकायत के बाद जांच
इस मामले में जब एक पीआईएल हाईकोर्ट में दाखिल हुई तब मामले में कार्यवाही और जांच का खाका खुद ही तैयार होने लगा। हाईकोर्ट ने अपर मुख्य सचिव को तलब किया तो अपर मुख्य सचिव ने जांच के आदेश दे दिए। 2002 से 2006 के बीच शौचालय निर्माण के लिए शासन से भेजे गए पैसों की जांच शुरू हुई। गांव गांव टीम पहुंचने लगी और जब हकीकत तलाशी गई तो पता चला कि जो भी शौचालय बने हैं, उनमें अधिकांश सिर्फ कागज पर हैं। हकीकत में शौचालय बनाए ही नहीं गए। सरकार ने शौचालय बनाने पर अपनी ओर से सहायता राशि लोगों को देनी शुरू की थी उसी सहायता राशि को शौचालय बनने के बाद सरकार की ओर से लोगों को दिया जाना था लेकिन शौचालय के नाम पर पैसे ग्राम प्रधान व सचिव हड़प गए।

शौचालय के नाम पर पैसे ग्राम प्रधान व सचिव हड़प गए
शौचालय घोटाले की जांच कर रही टीम ने अब तक 108 ग्राम प्रधान और 108 पंचायत सचिव पर इलाहाबाद के कर्नलगंज थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया है। डीपीआरओ इलाहाबाद ने बताया शौचालय घोटाले में जांच के दौरान 17 आरोपियों की मौत की भी पुष्टि हो गई है। इसकी रिपोर्ट अधिकारियों व शासन को भेज दी गई है। कुल 51 लाख 24 हजार 500 रुपए का गबन किया गया है और यह पूरा घोटाला सन 2002 से 2006 के बीच हुआ है। फिलहाल मुकदमा दर्ज करा दिया गया है और सभी आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।












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