इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव का बज गया बिगुल, सितंबर में होंगे चुनाव
इलाहाबाद। केंद्रीय विश्वविद्यालय इलाहाबाद में छात्रसंघ चुनाव का बिगुल बज गया है। अगले महीने छात्र संघ का चुनाव होगा। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सितंबर में चुनाव कराने के लिए घोषणा कर दी है। जानकारी देते हुए चीफ प्रॉक्टर प्रोफ़ेसर रामसेवक दुबे ने बताया कि डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस एंड स्ट्रैटिजिक स्टडीज के प्रो. आरके उपाध्याय को चुनाव अधिकारी नियुक्त किया गया है। इस बार उनकी देखरेख में ही चुनाव होगा। उन्होंने बताया कि सभी विभागों के डीन से नव प्रवेशित छात्रों की संख्या मांगी गई है। ताकि उनके प्रवेश पत्र बनाए जा सके और चुनाव के लिए मतदाता सूची तैयार हो सके। चुनाव प्रक्रिया विश्वविद्यालय अनुदान आयोग व लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों के अनुरूप होगी और चुनाव प्रक्रिया सितंबर के अंतिम सप्ताह तक हर हाल में पूरी करा ली जाएगी।

धनबल और बाहुबल होगा चैलेंज
सांसद व विधायकों के चुनाव को भी पीछे छोड़ने वाला इलाहाबाद यूनिवर्सिटी छात्रसंघ के चुनाव का बिगुल बजते ही सारे मठाधीश फिर से सक्रिय हो गये हैं। ऐसे में अब फिर से छात्रसंघ चुनाव में धनबल और बाहुबल का प्रदर्शन होना तय है। पिछले कई चुनाव इस बात के गवाह रहे हैं कि यूनिवर्सिटी में जीत उसी की हुई है जिसका सबसे बड़ा काफिला गुजरा हो या जिसने सबसे ज्यादा पैसे खर्च कर अपनी भी भौकाल बनाई हो। आलम यह है कि यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद प्रत्याशी के लिए जब काफिला निकलता है तो लगभग 500 से 600 गाड़ियां उनके काफिले में शामिल होती हैं। जिससे ना सिर्फ सड़कें जाम हो जाती हैं बल्कि यूनिवर्सिटी प्रशासन के साथ जिला प्रशासन के भी होश उड़ जाते हैं। लेकिन, अफसोस इन पर कभी कोई कार्रवाई नहीं हो पाती है और बेहद ही दबाव के बीच चुनाव संपन्न होता है । इस बार भी यूनिवर्सिटी प्रशासन के सामने धन और बाहुबल को रोकना ही सबसे बड़ी चुनौती होगी।
इन कालेजों का भी चुनाव
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के साथ उससे संबद्ध संघटक कॉलेजों में भी चुनाव की प्रक्रिया एकसाथ संपन्न होगी। जिसमे चौधरी महादेव प्रसाद, ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज व इलाहाबाद डिग्री कॉलेज भी शामिल है। छात्रसंघ चुनाव सितंबर के अंतिम सप्ताह होगा। याद दिला दें कि वर्तमान समय में इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ अध्यक्ष पद पर समाजवादी पार्टी को समर्पित समाजवादी छात्र सभा का कब्जा है। जबकि महामंत्री पद पर एबीवीपी प्रत्याशी ने जीत हासिल की है। वहीं इसके पहले हुए चुनाव में एबीवीपी के रोहित मिश्रा ने अध्यक्ष पद जीता था। वहीं, उससे पहले हुए चुनाव में समाजवादी छात्र सभा की ऋचा सिंह ने परचम लहराया था। ऐसे में केंद्रीय विश्वविद्यालय के छात्र के चुनाव में इन्ही दोनो छात्र संगठन से आने वाले प्रत्याशी पर सबकी नजर होगी।












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