इलाहाबाद हाईकोर्ट का आदेश, नवंबर तक यूपी में कराएं निकाय चुनाव
इलाहाबाद। यूपी में स्थानीय निकाय चुनाव नवंबर तक कराने होंगे। इस बावत इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार व चुनाव आयोग को निर्देशित किया है। उच्च न्यायालय ने कहा है कि नवंबर माह तक चुनाव आयोग उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव हर हाल में करा लें। साथ ही प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित करें की चुनाव संबंधित औपचारिकता में कोई कमी ने हो।

गौरतलब है कि निकाय चुनाव में लगातार देरी के चलते हाईकोर्ट में याचिका दाखिल हुई थी। हालांकि यह याचिका चुनाव के बजाय प्रशासक को लेकर दाखिल थी। जिसमें नगर निगमों, नगर महापालिकाओं और नगर पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद अगला चुनाव तक कार्यकाल बढ़ाने की मांग की गई थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट कर दिया है कि जब स्थानीय निकाय का कार्यकाल खत्म होगा। तो निकाय के अनुसार अगले चुनाव होने तक प्रशासकों और अधिशासी अधिकारियों की तैनाती का पुराना नियम जारी रहेगा।
इलाहाबाद हाईकोर्ट में निकाय कार्यकाल बढ़ाने की दाखिल याचिका पर मुख्य न्यायमूर्ति डीबी भोसले और न्यायमूर्ति एमके गुप्ता की डबल बेंच ने सुनवाई शुरू की तो अदालत में दलील दी गयी कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत निकाय में भी कार्यकाल बढाया जाना चाहिए । हालांकि विधि परामर्शी की दलीलों के बाद निकाय चुनाव में इस प्रक्रिया को मानने से हाईकोर्ट ने इन्कार कर दिया। यहां कहा गया कि निकाय को लेकर अधिनियम में इस तरह निर्देश नही दिये गये हैं।
इस याचिका पर सुनवाई करते हुये हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार और चुनाव आयोग से समय से चुनाव कराने का भी जवाब मांगा था । जिस पर राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि वार्डों के परिसीमन व मतदाता सूची दुरुस्त होते ही चुनाव आयोग को दस्तावेज दे दिये जायेंगे। जबकि आयोग का कहना था कि राज्य सरकार से सभी दस्तावेज व सूचना मिलने के बाद वह 35 दिन में चुनाव देगा।
आयोग व राज्य सरकार के जवाब के बाद इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने दोनों को नवंबर तक हर हाल में चुनाव पूरा कराने का निर्देश दिया है। इस आदेश के बाद अक्टूबर तक राज्य सरकार को परिसीमन व मतदाता सूची आदि सभी चुनावी दस्तावेज चुनाव आयोग को उपलब्ध कराने होंगे।












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