'चिट्ठी-चिट्ठी जा सर के पास, सर की मर्जी फेल करें या पास' लिखकर चिपकाया 10 का नोट
इलाहाबाद।

क्या क्या मिल रहा उत्तर पुस्तिका में
परीक्षार्थी ने अपने अधूरे प्रश्नों के साथ ₹10 का नोट भी उत्तर पुस्तिका में लगा दिया ताकि गुरुजी उत्तर को पूरा माने और उसे पास कर दें। एक परीक्षार्थी ने तो हद ही कर दी उसने पहले शायरी लिखी कि "यह मोहब्बत भी क्या चीज है न जीने देती है न मरने देती है । मेरे यारों रब से यह दुआ करो कि वह ना मिले तो मैं मर ही जाऊं। आई लव यू पूजा लिखकर नीचे लिखा है सर इस लव स्टोरी ने पढ़ाई से दूर कर दिया नहीं तो मैंने हाईस्कूल तक पढ़ाई की। इसको लिखने के लिए सर वेरी वेरी सॉरी।

घर की स्थित नहीं है ठीक, प्लीज कर दो पास
एक परीक्षार्थी ने विनती लिखते हुए लिखा है कि गुरु जी आप से हाथ जोड़ कर विनम्र निवेदन है कि हमारे घर की स्थिति ठीक ना होने के कारण मैं रेगुलर पढ़ाई नहीं कर पाया हूं। क्योंकि मेरे पिताजी बचपन में ही मृत्यु होने के कारण मुझे ही घर का खर्चा और भाई बहनों की पढ़ाई कराने की जिम्मेदारी हमको ही देखनी पड़ती है । इसलिए आपसे निवेदन है कि हम गरीब को भी पास करने की कृपा करना आपकी अति महान कृपा होगी । हम गरीबों की दुआएं आपके साथ हैं आपको कभी दुख कभी देखने को ना मिले।

कॉपी में मिले सौ-सौ के तीन नोट मिले
एक परीक्षार्थी ने तो अपनी उत्तर पुस्तिका में सौ-सौ की तीन नोट रखकर आधा अधूरा उत्तर लिखा था। गुरु जी ने जब उत्तर पुस्तिका जांची तो उसमें उसे एक नंबर दिया है। हालांकि वह नंबर उसे प्रश्न का फार्मूला लिखने पर मिला है।

बहुत गरीब हूं, कृपया पास कर दें
जबकि एक अन्य परीक्षार्थी ने प्रश्न उत्तर शुरू करने के साथ यानी पहले पन्ने पर ही ऊपर जय बालाजी लिखा और फिर लिखा है "चिट्ठी चिट्ठी जा सर के पास, सर की मर्जी फेल करें या पास। गुरुजी आपको कापी खोलने से पहले नमस्कार गुरुजी पास कर दें। एक अन्य परीक्षार्थी ने आधा अधूरा समीकरण लिखते हुए लिखा है "गरीब हूं प्रभु दया करना मैं बहुत गरीब हूं सर दया करना सर जी।
ये












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