साइकिल से बारात लेकर दुल्हन लाने पहुंचा दूल्हा, कारण पूछने पर दिया ये जवाब

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इलाहाबाद। आजकल शादी-विवाह का मतलब खूब चमक-धमक और ग्लैमर है। शायद बिना तड़क-भड़क के अब शादियों की कहीं कल्पना भी नहीं होती, लेकिन उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में एक अनोखी शादी खूब चर्चा में। यहां पर्यावरण सेना की पहल पर 'हरित विवाह' संपन्न हुआ । यह एक ऐसा विवाह था जिसमें दूल्हा और बाराती सभी साइकिल से दुल्हन ब्याहने के लिए पहुंचे। इसमें शादी में होने वाली फिजूल खर्ची, अन्न की बर्बादी रोकने के साथ ही सादगी और प्रकृति के साथ सामंजस्य का संदेश दिया गया। दूल्हे ने अपनी शादी में साइकिल चलाकर नई पीढ़ियों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया और जिसने भी साइकिल वाली इस बारात को देखा वह 'वाह-वाह' करने से खुद को रोक नहीं सका।

allahabad bridegroom reached to marry from cycle

इलाहाबाद से प्रतापगढ़
इलाहाबाद के अलावलपुर गांव निवासी जवाहर लाल के बेटे जावेंद्र कुमार की शादी प्रतापगढ़ के बोझी ग्राम पंचायत के इब्राहिमपुर गांव में भोला की बेटी चंदा देवी से तय हुई थी। रविवार को पूरे उत्साह और खुशियों के बीच बारात सजी। फूल मालाओं से दूल्हे को सजाया गया और फिर साइकिल से बारात प्रतापगढ़ के लिए रवाना हुई। इस बारात में अधिकांश बाराती भी साइकिल पर थे और पर्यावरण सेना के नेतृत्व में यह हरित विवाह सफल रहा।

दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
पर्यावरण सेना के प्रमुख अजय क्रांतिकारी दूल्हे व बारातियों के साथ इब्राहिमपुर तक साइकिल से गए। इस दौरान उन्होंने दूल्हे को साइकिल भेंट करते हुए वर वधू को आशीर्वाद दिया। अपनी अनोखी शादी से चर्चा में आए जावेंद्र ने कहा कि साइकिल चलाने से पर्यावरण शुद्ध रहता है और हमारा स्वास्थ्य बेहतर होता है।

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English summary
allahabad bridegroom reached to marry from the cycle

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