'Akhilesh Yadav की बेटी Aditi 7 करोड़ चुराकर मुस्लिम दोस्त संग भागी', पोस्ट लिखने वाला शातिर कौन? दबोचा गया
Akhilesh Yadav Daughter Aditi Yadav Case: उत्तर प्रदेश के आगामी चुनाव 2027 से पहले समाजवादी पार्टी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर एक तूफान टूट पड़ा है। पहले छोटे भाई (सौतेले) प्रतीक यादव को खोना। उसके बाद बड़ी बेटी अदिति यादव (23 वर्ष) को सोशल मीडिया पर बदनाम करने की साजिश।
9 जून 2026 को वायरल हुई आपत्तिजनक और फर्जी पोस्ट में दावे हुए कि अदिति ने घर से 7 करोड़ चोरी किए और अपने मुस्लिम दोस्त के साथ भाग गईं, जो पूरी तरह गलत था। मामले में 12 दिन बाद भड़काऊ और फर्जी पोस्ट लिखने वाले मुख्य आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। नागेश्वर सिंह बघेल नाम के व्यक्ति को मध्य प्रदेश के रीवा से दबोचा गया। कोर्ट में पेशी के बाद उसे जमानत मिल गई है, लेकिन मामले में कुल तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। आइए विस्तार से जानते हैं...

फर्जी पोस्ट में क्या लिखा था?
आरोपियों ने फेसबुक पर एक एडिटेड फोटो के साथ दावा किया कि अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव घर से 7 करोड़ रुपये चुराकर नाइजीरिया भाग गई है और वहां एक लड़के के साथ रह रही है। पोस्ट में अदिति की एक युवक के साथ तस्वीर जोड़ी गई थी।
पोस्ट वायरल होने के बाद इसे कई लोगों ने शेयर किया, जिससे अखिलेश यादव परिवार की छवि को ठेस पहुंचाने की कोशिश की गई। समाजवादी अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय सचिव प्रवीण यादव ने इस भ्रामक कंटेंट के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
Aditi Yadav Controversy पुलिस कार्रवाई: अब तक कौन गिरफ्तार हुआ?
- 11 जून 2026: कानपुर साइबर क्राइम थाने में तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई।
- मुख्य आरोपी: नागेश्वर सिंह बघेल: गिरफ्तार (रीवा, मध्य प्रदेश से)।
- अन्य आरोपी:
- भारत कुमार पटेल (सोशल मीडिया अकाउंट अमेरिका के पेंसिल्वेनिया से चल रहा)
- विनोद कुमार (जौनपुर, उत्तर प्रदेश- ऑटो चालक)
साइबर पुलिस और क्राइम ब्रांच ने डिजिटल फॉरेंसिक जांच के जरिए आरोपी की लोकेशन ट्रेस की। नागेश्वर सिंह बघेल को गिरफ्तार कर कानपुर लाया गया। कोर्ट ने उसे जमानत दे दी, लेकिन जांच जारी है।
कानूनी धाराएं क्या लगीं?
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 79 (मानहानि संबंधी), धारा 336(4) और आईटी एक्ट की धारा 66E (निजता का उल्लंघन) के तहत मामला दर्ज किया है।
Akhilesh Yadav Daughter Aditi Yadav Case Timeline: कब-कब क्या हुआ?
- 7 जून 2026: अखिलेश यादव ने राम मंदिर चढ़ावे में कथित घोटाले का आरोप लगाया।
- 9 जून 2026: सोशल मीडिया पर अदिति यादव के खिलाफ फर्जी पोस्ट वायरल होना शुरू।
- 11 जून 2026: प्रवीण यादव की शिकायत पर कानपुर साइबर क्राइम थाने में FIR दर्ज।
- मध्य जून 2026: डिजिटल ट्रैकिंग के बाद नागेश्वर सिंह बघेल की गिरफ्तारी।
- कोर्ट पेशी: आरोपी को जमानत मिली, लेकिन केस जारी।
क्यों वायरल हुआ फर्जी दावा?
अखिलेश यादव द्वारा राम मंदिर चढ़ावा मामले में सरकार पर आरोप लगाने के तुरंत बाद यह पोस्ट वायरल हुआ। फर्जी खबर में 'मुस्लिम नाइजीरियन दोस्त' का जिक्र कर सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की गई, जबकि तथ्य पूरी तरह गलत थे। अदिति यादव की कोई ऐसी घटना नहीं हुई।
अखिलेश यादव परिवार बेटी की रक्षा में
अखिलेश यादव परिवार ने इस घटना की निंदा की और कहा कि विपक्षी दलों की राजनीति अब व्यक्तिगत स्तर पर पहुंच गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी इस तरह की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई करने की अपील की। CM योगी ने साइबर क्राइम पर सख्ती के निर्देश दिए हैं।
अदिति यादव युवा पीढ़ी का चेहरा हैं। ऐसे फर्जी आरोप न सिर्फ उनकी मानसिक शांति भंग करते हैं, बल्कि पूरे परिवार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाते हैं। सपा ने इसे 'राजनीतिक साजिश' बताया है।
पुलिस का कितना रोल?
कानपुर साइबर पुलिस की तेज कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन विदेश से चल रहे अकाउंट और अन्य आरोपियों को पकड़ना अभी बाकी है। इंटरपोल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ समन्वय जरूरी है।
अखिलेश यादव की बेटी अदिति के खिलाफ 7 करोड़ चोरी और भागने का फर्जी दावा राजनीतिक प्रतिशोध का स्पष्ट उदाहरण है। नागेश्वर सिंह बघेल की गिरफ्तारी से साफ है कि कानून हाथों में नहीं लेने देगा, लेकिन सोशल मीडिया पर फेक न्यूज फैलाने वालों की पूरी गिरोह को पकड़ना होगा।
राजनीति में मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन परिवारों खासकर महिलाओं और बच्चों को निशाना बनाना निंदनीय है। उत्तर प्रदेश पुलिस को ऐसे मामलों में और तेजी से कार्रवाई करनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति बिना सबूत के किसी की छवि खराब करने की हिम्मत न कर सके।













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