नोटबंदी पर फिर एक दूसरे के सामने आए अखिलेश यादव और अपर्णा
लखनऊ। नोटबंदी की पहली सालगिरह पर एक तरफ जहां पूरा विपक्ष केंद्र सरकार को घेर रहा था तो दूसरी तरफ मोदी सरकार इसके समर्थन में मैदान में उतर आई और तमाम मंत्रियों को मीडिया के सामने नोटबंदी के फायदे गिनाने के लिए कहा। लेकिन उत्तर प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को नोटबंदी के मामले में अपने ही परिवार के विरोधी सुर देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां अखिलेश यादव ने नोटबंदी की आलोचना करते हुए कहा कि मैं नोटबंदी का जश्न नहीं खजांची का जन्मदिन मनाउंगा। आज के ही दिन कानपुर देहात में खजांची नाम का बच्चा पैदा हुआ था। गौरतलब है कि खजांची का जन्म नोटबंदी के दौरान बैंक की लाइ में लगने के समय हुआ था।

अखिलेश यादव ने ट्वीट करके कहा कि नोटबंदी की लाइन में जन्मे 'ख़ज़ांची' की माँ नहीं जानतीं कालाधन क्या होता है. हम नोटबंदी का जश्न नहीं पर खज़ांची का जन्मदिन ज़रूर मनायेंगे। नोटबंदी के दौरान जब लाइन में लगी महिला ने बच्चे को जन्म दिया तो बैंक वालों ने बच्चे का नाम खजांची रख दिया था, मुख्यमंत्री ने खुद दो लाख रुपए का चेक खजांची की मां को दिया था। वहीं दूसरी तरफ अखिलेश यादव के छोटे भाई की पत्नी अपर्णा यादव ने नोटबंदी का समर्थन किया है। उन्होंने डेमोविलन्स ट्वीट करके इसका समर्थन किया है। उन्होंने लिखा कि हमे अभी भी नोटबंदी के फैसले से आए परिणाम का आंकलन करने की जरूरत है, यह सफल रहा या विफल यह आने वाले समय में पता चलेगा।
गौरतलब है कि जिस तरह से पिछले वर्ष 8 नवंबर को 500 और 1000 रुपए के नोट को बैन किया गया उसके बाद तमाम राजनीतिक दलों ने मोदी सरकार की आलोचना की थी। यूपी के चुनाव प्रचार के दौरान अखिलेश यादव ने हर कहीं नोटबंदी के मुद्दे को लोगों के बीच उठाया था। उन्होंने खजांची का जिक्र तकरीबन हर रैली में किया। उस वक्त भी अखिलेश यादव और अपर्णा यादव ने इस मुद्दे पर अपने अलग-अलग राय रखी थी।
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