केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी की बढ़ी मुश्किलें, सुप्रीम कोर्ट पहुंचा सपा नेता की हत्या का 23 साल पुराना केस
Ajay Kumar Mishra: केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही है। दरअसल, अजय मिश्रा से जुड़ा एक 23 साल पुराना सपा नेता प्रभात गुप्ता हत्याकांड का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने इस मामले में मई 2023 को अजय मिश्रा टेनी समेत 4 आरोपियों को बरी कर दिया था। सभी को बरी किए जाने के बाद सपा नेता प्रभात गुप्ता के भाई राजीव गुप्ता इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम का रूख किया।

राजीव ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट मे विशेष अनुमति याचिका यानी एसएलपी दाखिल की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 2000 में प्रभात गुप्ता की हत्या हुई थी और साल 2004 में ट्रायल कोर्ट ने सबूतों के अभाव में टेनी को बरी किया था। अजय मिश्रा के साथ-साथ सुभाष मामा, शशि भूषण, पिंकी और राकेश डालू को भीहाईकोर्ट से राहत मिल गई थी।
खबर के मुताबिक, 8 जुलाई 2000 में लखनऊ यूनिवर्सिटी के छात्र नेता प्रभात गुप्ता की घर लौटे वक्त लखीमपुर खीरी के तिकुनिया इलाके में सरेआम गोली हत्या कर दी गई थी। उस समय अजय मिश्रा बीजेपी से जुड़े थे। इस हत्याकांड में अजय मिश्रा टेनी समेत 4 लोगों को नामजद किया गया था।
इस मामले में निचली अदालत और हाईकोर्ट से पीड़ित परिवार को निराशा हाथ लगी थी। अब उन्होंने इस मामले सुप्रीम कोर्ट से अपने भाई के लिए इंसाफ की गुहार लगाई है। बता दें कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार की याचिका को खारिज कर दिया था। साथ ही, हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के टेनी को बरी करने के फैसले को बरकरार रखा था।












Click it and Unblock the Notifications