Indian Army Air strike: ऑपरेशन सिंदूर की गूंज, शहीद शुभम के पिता और पत्नी ने भारतीय सेना और देश को कहा थैंक्यू

Air strike Indian Army: पहलगाम में हुए आतंकी हमले में अपने बेटे को खोने वाले संजय द्विवेदी के दिल का दर्द अब थोड़ा ठंडा पड़ा है। भारत की सेना द्वारा पीओके और पाकिस्तान में किए गए जबरदस्त हमले ने उनके जख्मों पर मरहम लगाया है। संजय द्विवेदी का कहना है कि अब पूरे देश ने देख लिया है कि भारत अपने शहीदों के खून का बदला लेना जानता है।

संजय द्विवेदी, जो श्याम नगर के रहने वाले हैं, अपने बेटे शुभम द्विवेदी की शहादत के बाद लगातार सवाल कर रहे थे कि कब उनके बेटे की कुर्बानी का हिसाब होगा। अब जब भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान में नौ आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया है, तो उनका कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है। देश के हर घर में आज सेना की जयकार हो रही है।

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उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन सिर्फ हमारे परिवार की नहीं, पूरे भारत की उम्मीदों का जवाब है। संजय द्विवेदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय सेना को सलाम करते हुए कहा कि यह हमला साबित करता है कि भारत अपने दुश्मनों को अब कहीं भी छोड़ने वाला नहीं है।

बेटे के कातिलों को सजा मिली, अब थोड़ा सुकून मिला है'

संजय द्विवेदी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जब से यह खबर आई है, उनके परिवार का दिल थोड़ा हल्का महसूस कर रहा है। "हमारे कलेजों को ठंडक मिलने की शुरुआत हो गई है," उन्होंने भावुक होकर कहा। उन्हें पूरा भरोसा है कि भारतीय सेना तब तक नहीं रुकेगी जब तक पहलगाम हमले के सारे गुनहगारों को सजा नहीं दे देती।

उन्होंने यह भी कहा कि यह ऑपरेशन उनके बेटे शुभम के साथ-साथ उन सभी जवानों के लिए इंसाफ की शुरुआत है, जो आतंकवाद की भेंट चढ़े। मसूद अजहर जैसे गुनहगारों के खिलाफ कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि अब भारत अपने दुश्मनों को उनके घर में घुसकर सजा देगा।

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'ऑपरेशन सिंदूर' पर पत्नी ऐशान्या ने जताया गर्व

शहीद शुभम की पत्नी ऐशान्या ने भी सेना के इस जवाबी हमले पर अपना आभार जताया। उन्होंने कहा, "थैंक्यू मेरे देश। मेरी सेना और मेरे प्रधानमंत्री। आपने हमारे सिंदूर का बदला ले लिया।" उनका इशारा सीधे सेना के मिशन 'ऑपरेशन सिंदूर' की ओर था, जिसे देशभर में गर्व के साथ याद किया जा रहा है।

एएनआई से बातचीत में ऐशान्या ने कहा कि यह दिन उनके लिए हमेशा यादगार रहेगा। वह मानती हैं कि उनके पति की शहादत अब व्यर्थ नहीं गई। जिस तरह सेना ने आतंकियों के अड्डों पर प्रहार किया है, उसने देश को एक नई ताकत दी है।

मसूद अजहर के बहावलपुर ठिकाने पर हमले से बढ़ा आत्मविश्वास

संजय द्विवेदी ने कहा कि उनके बेटे की शहादत के पीछे मसूद अजहर का हाथ था। लेकिन अब बहावलपुर में उसके ठिकानों पर हमले ने साबित कर दिया है कि भारत अब चुप बैठने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि बेटा तो वापस नहीं आ सकता, लेकिन यह संतोष जरूर है कि उसके हत्यारों को अब डर सताने लगा है।

उन्होंने आगे कहा कि अब उन्हें यकीन हो चला है कि भारत की सेना आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के मिशन में है। हर घर में अब यही दुआ है कि हमारे जवान यूं ही दुश्मनों को उनकी सजा देते रहें। भारत के इस जवाबी हमले के बाद देशभर में लोगों के बीच जोश देखने लायक है। हर गली और मोहल्ले में सेना के जयकारे लग रहे हैं।

शहीदों के परिवारों को सरकार से क्या मदद मिलती है?

सरकार शहीदों के परिवारों को आर्थिक सहायता, नौकरी में आरक्षण और अन्य सुविधाएं देती है ताकि उनके परिवारों को सामाजिक और आर्थिक सहारा मिल सके।

क्या यह पहली बार है जब भारत ने पाकिस्तान के भीतर आतंकी अड्डों पर हमला किया है?

नहीं, इससे पहले भी भारत ने 2016 में उरी हमले के बाद सर्जिकल स्ट्राइक की थी और 2019 में बालाकोट एयरस्ट्राइक की थी।

क्या मसूद अजहर के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है?

हां, रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय वायुसेना ने बहावलपुर में मसूद अजहर के ठिकानों को निशाना बनाया है।

शहीद शुभम द्विवेदी कौन थे और उनकी शहादत कैसे हुई?

शुभम द्विवेदी भारतीय सेना के जवान थे, जो 22 मार्च को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले में शहीद हो गए थे।

ऑपरेशन सिंदूर क्या है और इसका मकसद क्या था?

ऑपरेशन सिंदूर भारत की सेना द्वारा पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर किया गया एक जवाबी हमला था, जो पहलगाम हमले में शहीद हुए जवानों के सम्मान में चलाया गया।

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