UP में जाट अध्यक्ष मिलने के बाद पश्चिम की हारी हुई सीटों पर बाजी पलट पाएगी BJP ?
लखनऊ, 02 सितंबर: उत्तर प्रदेश में विधानसभा और लोकसभा उपचुनाव में शानदार जीत हासिल कर चुकी बीजेपी ने अब लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर अपनी तैयारियों को अमली जामा पहनाने की कवायद शुरू कर दी है। इस अभियान के तहत ही यूपी के नए बीजेपी चीफ और जाट नेता भूपेंद्र चौधरी ने गुरुवार को पहले पीएम मोदी से मिलकर कामकाज का मंत्र लिया फिर अपने काम की शुरुआज पश्चिम से ही की। भूपेंद्र ने गाजियाबाद में संगठन की एक अहम बैठक में हिस्सा लिया जिसमें संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह भी मौजूद थे। इस बैठक में पश्चिमी यूपी में हारी हुई सीटों पर जीत की रणनीति को लेकर चर्चा की गई।

निकाय चुनाव और संगठन के अभियान पर फोकस
बीजेपी के सूत्रों की माने तो इस बैठक में दो चीजों पर फोकस किया गया था। पहला संगठन के लिहाज से जो अभियान और कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं उनकी क्या प्रगति है। उन अभियानों के बारे में दोनों नए पदाधिकारियों को अवगत कराया गया। इस दौरान बीजेपी के नए चीफ ने कहा कि पार्टी को पूरी शिद्दत से निकाय चुनाव में जुटना होगा और पार्टी को यूपी की सभी सीटों पर जीत हासिल करनी है। इसके लिए अभी से तैयारियों में जुटना होगा। बीजेपी यूपी में सभी नगर निगम में जीत का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ेगी।

कार्यभार संभालने के बाद पश्चिम से की काम की शुरुआत
दरअसल, यूपी बीजेपी अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालने के तीन दिन बाद, भूपेंद्र सिंह चौधरी ने गुरुवार को गाजियाबाद में 19 जिलों के पार्टी पदाधिकारियों की बैठक बुलाकर पश्चिम यूपी क्षेत्र से मैदान में उतर पड़े। इस दौरान रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र और नोएडा से विधायक पंकज सिंह भी मौजूद रहे। बैठक में मौजूद सूत्रों की माने तो बीजेपी ने फिलहाल अपना फोकस दो चीजों पर रखा है। पहला ह नवंबर में होने वाले नगर निकाय चुनाव और उसके बाद आम चुनाव की तैयारियां।

संगठन मंत्री ने भी पश्चिम से ही किय था आगाज
बीजेपी के नए अध्यक्ष के आने से कुछ दिन पहले ही नवनियुक्त राज्य महासचिव (संगठन) धर्मपाल सिंह सैनी ने भी गाजियाबाद में पश्चिम यूपी और ब्रज क्षेत्रों की अपनी पहली बैठक की थी। चौधरी और सैनी पश्चिमी यूपी क्षेत्र के क्रमशः मुरादाबाद और बिजनौर जिलों से आते हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों की माने तो यह कदम पश्चिम यूपी क्षेत्र में बीजेपी की रणनीति को दर्शाता है। जिसमें यूपी चुनावों के दौरान सपा और राष्ट्रीय लोक दल की वजह से नुकसान उठाना पड़ा था।

पार्टी के अभियानों का नए अध्यक्ष ने लिया Feedback
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता हीरो वाजपेयी ने कहा कि यह विशुद्ध रूप से पार्टी द्वारा बुलाई गई एक संगठनात्मक बैठक थी। सूत्रों ने बताया कि सैनी के साथ मौजूद चौधरी ने बैठक की अध्यक्षता की जिसमें सभी जिला अध्यक्षों और क्षेत्र के सभी 19 संगठनात्मक जिलों के प्रभारी शामिल हुए। हालांकि बीजेपी के सूत्रों ने कहा कि चौधरी और धर्मपाल ने कथित तौर पर पिछले पार्टी अभियानों के बारे में प्रतिक्रिया ली और लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया।

अगले आम चुनाव में पार्टी को जीत दिलाना बड़ी चुनौती
यूपी में सभी 80 लोकसभा सीटों पर जीत का लक्ष्य निर्धारित करने वाले भगवा नेताओं के बीच पार्टी को बाद में सार्वजनिक आउटरीच कार्यक्रमों के एक नए सेट के साथ आने की उम्मीद है। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि चौधरी को अपने गृह जिले मुरादाबाद में पार्टी को मजबूत करने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है, जहां भगवा पार्टी यूपी चुनावों में छह में से पांच विधानसभा सीटों पर हार गई थी। भाजपा सूत्रों ने कहा कि चौधरी और धर्मपाल के सभी छह क्षेत्रों का दौरा कर फीडबैक लेने की उम्मीद है।












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