• search
उत्तर प्रदेश न्यूज़ के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  

एक बात सुनकर ही टूट जाते हैं इस गांव में लड़कों के रिश्ते, बुजुर्गों के मन में भी बैठ गया है यह डर

|

शाहजहांपुर। एक ओर जहां देश में स्वच्छ भारत मिशन चल रहा है, वहीं गांवों में आज भी साफ-सफाई और शौच की बात पर लोगों का बुरा हाल है। बिन शौचालय, टूटी सड़क-खड़ंजों वाले गांवों को जब देखते हैं तो बरबस ही प्रधानमंत्री मोदी के अभियान बेदम लगने लगते हैं। यूपी के शाहजहांपुर में ऐसे ही गांव में न सिर्फ युवा बल्कि बुजुर्ग भी अपने ​भविष्य को लेकर चितिंत हैं। आलम यह है कि युवकों की शादियां भी होना बंद हो गई हैं।

village in Shahjahanpur, No Swachh Bharat for UP village, Shahjahanpur, Swachh Bharat, toilet, swachh bharat abhiyan, शाहजहांपुर , स्वच्छ भारत, स्वच्छ भारत अभियान, uttar pradesh

यहां नहीं पूरे होते वादे, गलत हैं दबंगों के इरादे

जानकारी के मुताबिक, शाहजहांपुर जिला मुख्यालय से करीब 15 किमी दूर भावल खेड़ा ब्लाक में सिउरा गांव है। यहां करीब 5 हजार लोग रहते हैं। यह सामान्य वर्ग जाति बहुल गांव है, जबकि दो सिंगरहा और सिंगरही मजरें हैं। जिनमें ज्यादातर एससी परिवारों की स्थिति दयनीय है, दो मजरों में आज भी एक भी शौचालय नहीं बन पाया है। इसकी वजह इस गांव के प्रधान का स्वर्ण जाति से होना भी है। तीन साल में एक भी शौचालय हरिजन परिवारों में उसने नहीं बनने दिया। पीड़ित परिवारों का कहना है कि अगर किसी योजना का लाभ मिलने को होता भी है, तो सांठगांठ करके सूची से हम लोगों के नाम कटवा दिये जाते हैं। क्या हमारा हरिजन होना गुनाह है।''

शादियां नहीं हो रहीं, शौचालय न होने की वजह से

गांव में हरिजनों का कहना है कि अगर कोई रिश्ता आता भी है तो शौचालय न होने की वजह से रिश्ते की बात आगे नही बढ़ पाती है। वहीं, ग्राम प्रधान पति का कहना है कि लिस्ट में सबसे नीचे नाम दोनों मजरों के ग्रामिणों के थे, लेकिन लिस्ट जिनके उपर नाम थे, उनको शौचालय मिल गए हैं। जिन मजरों में शौचालय नही बने हैं, वहां भी जल्द बन जाएंगे। सीडीओ का कहना है कि जिन मजरों में शौचालय नही बनें, वहां की फीडिंग की जा रही है। जल्द ही सभी मजरों में शौचालय बन जाएंगे। बता दें कि इन दो मजरों मे सिर्फ एक परिवार ऐसा है जिसके घर में शौचालय बना है। इसके अलावा सभी लोग महिलाएं पुरूष बच्चे और बुजुर्ग खेतों मे शौच के लिए जाते हैं। मजरे मे रहने वाले एससी बरादरी के लोगो का कहना है कि उनके गांव मे एक भी शौचालय नही बना है।

वही, ग्राम प्रधान पति अशोक सिंह ने कहा है कि मेरी पत्नी को 3 साल प्रधान बने हो गए हैं। हमने शौचालय बनवाने के लिए 718 पात्रों की लिस्ट भेजी थी। लेकिन इतने ज्यादा लोगों की शौचालय की लिस्ट देखकर लिस्ट वापस कर कर दी गई। उसके बाद हमने सूची से नाम कम करके 399 लोगों की सूची दी। सूची से भी नाम काटकर सिर्फ 238 शौचालय ही पास किए गए। जिसमें 199 शौचालय बन चुके हैं। बाकी शौचालय बनने का कार्य किया जा रहा है। प्रधान पति का कहना है कि सूची में सबसे ऊपर नाम गांव के पात्रों के थे। सूची में सबसे नीचे नाम मजरे सिंगरहा और सिंगरही के पात्रों के थे।

सीडीओ प्रेरणा शर्मा का कहना है कि कुछ मजरे ऐसे हैं, जहां पर एक भी शौचालय नही बने हैं। ऐसे मजरों को चिन्हित कर लिया गया है। 30 नवम्बर तक 98 हजार शौचालय के लिए पात्रों की फीडिंग कर ली जाएगी। जल्द ही उन मजरों मे शौचालय बन जाएंगे। उनका कहना है अगर प्रधान या सेक्रेटरी द्वारा अपात्र को पात्र बनाकर शौचालय दिया जाता है तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
A village in Shahjahanpur where houses hasn't any toilet
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X