CM रेखा गुप्ता ने खुद उठाया सफाई का जिम्मा, 28 घाटों पर चला स्वच्छता अभियान, दिल्लीवासियों से की बड़ी अपील
Rekha Gupta (Maa Yamuna Riverbank Cleanliness Drive): दिल्ली में यमुना नदी की सफाई को लेकर एक बार फिर बड़ा अभियान शुरू किया गया है। रविवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गीता कॉलोनी स्थित दशमेश घाट से 'मां यमुना तट स्वच्छता अभियान' की शुरुआत की। इस दौरान यमुना किनारे मौजूद 28 घाटों पर एक साथ सफाई अभियान चलाया गया, जिसमें सरकार, जनप्रतिनिधियों, पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने हिस्सा लिया।
मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि यमुना को स्वच्छ बनाना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें आम लोगों की भागीदारी भी उतनी ही जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि नदी में किसी भी तरह का कचरा या धार्मिक सामग्री न डाली जाए।

28 घाटों पर एक साथ चला अभियान
दिल्ली सरकार की ओर से आयोजित इस विशेष अभियान के तहत यमुना किनारे कई स्थानों पर एक साथ सफाई की गई। दशमेश घाट, हाथी घाट और पुराना पुल समेत कई प्रमुख स्थानों पर जनप्रतिनिधि और स्वयंसेवक जुटे।
रेखा गुप्ता ने बताया कि सुबह से ही विभिन्न सामाजिक संगठनों के स्वयंसेवक और भाजपा कार्यकर्ता सफाई कार्य में लगे हुए हैं। उनके मुताबिक, यमुना किनारे से सैकड़ों टन कचरा हटाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर लोग पूजा-पाठ की सामग्री भी सीधे नदी में डालते रहेंगे तो यमुना को स्वच्छ बनाना मुश्किल होगा।
Public Participation Key: जनता की भागीदारी पर जोर
मुख्यमंत्री ने अभियान को केवल एक दिन की गतिविधि नहीं बल्कि लगातार चलने वाला जन आंदोलन बताया। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभाएगी, लेकिन नदी को साफ रखने के लिए नागरिकों को भी आगे आना होगा।
रेखा गुप्ता ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि यमुना को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए हर व्यक्ति को अपनी भूमिका निभानी होगी। उनका कहना था कि जब तक लोग स्वयं जागरूक नहीं होंगे, तब तक स्थायी बदलाव संभव नहीं है।
तीन साल में दिखेगा बड़ा बदलाव?
दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा ने हाथी घाट पर सफाई अभियान में हिस्सा लिया। उन्होंने दावा किया कि यमुना की सफाई को लेकर केंद्र और दिल्ली सरकार दोनों गंभीरता से काम कर रही हैं। वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार इस विषय पर दिशा-निर्देश देते रहे हैं। साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं। उनका दावा था कि मौजूदा प्रयासों का असर अगले तीन वर्षों में साफ दिखाई देगा और यमुना में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
भाजपा नेताओं ने भी संभाला मोर्चा
अभियान में भाजपा विधायक शिखा राय भी शामिल हुईं। उन्होंने इसे सेवा और जनभागीदारी से जुड़ा कार्यक्रम बताते हुए कहा कि यमुना की उपेक्षा लंबे समय तक होती रही। उन्होंने दावा किया कि पहले नदी में रासायनिक झाग तक दिखाई देता था, लेकिन अब स्थिति बदलने के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। शिखा राय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रहे सेवा कार्यक्रमों के तहत यमुना सफाई को विशेष महत्व दिया गया है और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी इसमें जुड़ रहे हैं।
क्या जन आंदोलन बनेगा यमुना मिशन?
दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने पुराना पुल क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि यमुना को स्वच्छ और अविरल बनाने का सपना तभी पूरा होगा जब यह अभियान सरकारी कार्यक्रम से आगे बढ़कर जन आंदोलन का रूप लेगा। उनके मुताबिक, हजारों लोग इस अभियान से जुड़ रहे हैं और यही भागीदारी भविष्य में यमुना को उसका पुराना गौरव वापस दिलाने में मदद करेगी।














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