योगी सरकार के छह महीने: पांच ऐसे फैसले जो रहे चर्चा में
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सत्ता संभालने के छह महीने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार का लेखा-जोखा जनता के बीच रखा है। उन्होंने अपनी सरकार के छह महीने के कार्यकाल का एक श्वेत पत्र लोगों के सामने रखते हुए पूर्व की सरकार पर हमला बोला है। योगी सरकार ने दावा किया है कि उनकी सरकार ने पिछले छह महीने में कई बड़े कदम उठाए हैं, जिसके चलते उनकी छह महीने की सरकार पिछली सरकारों पर भारी पड़ रही है। हालांकि जिस तरह से सरकार में आने के बाद योगी आदित्यनाथ ने तमाम फैसले लिए थे उसके चलते वह चर्चा में भी रहे और विवादों में भी, लेकिन समय बीतने के साथ ही अब स्थिति सामान्य होने लगी है। आइए डालते हैं योगी आदित्यनाथ के पिछले छह महीनों के भीतर पांच बड़े फैसलों पर जिसको लेकर उनकी सरकार चर्चा में रही है।
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बूचड़खानों के चलते हुआ विरोध
योगी सरकार ने सत्ता संभालत ही अपने चुनावी वायदे पर अमल करते हुए प्रदेशभर के अवैध बूचड़खानों पर रोक लगा दी, जिसके चलते तमाम बूचड़खानों पर ताले लग गए, जिसको लेकर काफी विरोध हुआ, कई मीट व्यापारियों को इस फैसले का दुष्परिणाम भुगतना पड़ा। कई लोगों के रोजगार पर संकट मंडराने लगा। आलम यह हो गया कि लोगों ने अपने मवेशियों को खुले में छोड़ दिया, जिससे किसानों की फसल को काफी नुकसान हो रहा है, क्योंकि ये मवेशी फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं और इसका सरकार के पास अभी तक कोई स्थाई समाधान नहीं है।
एंटी रोमियो स्क्वॉड के नाम पर हुई बदसलूकी
वहीं प्रदेश में मनचलों पर लगाम लगाने के लिए योगी सरकार ने एंटी रोमियो स्क्वॉड टीम का गठन किया, जिसने तमाम सार्वजनिक स्थलों पर मनचलों पर कार्रवाई करनी शुरी की, जिसके चलते कई ऐसे लोगों को भी मुश्किल का सामना करना पड़ा जोकि प्रेमी युगल थे। कई जगहों से ऐसी खबरें आई जहां लड़के-लड़कियों, प्रेमी युगल के साथ मारपीट की गई, पुलिस ने इन लोगों के साथ अभद्रता की, इनसे धनउगाही की गई। हालांकि इस एंटी रोमियो स्क्वॉड की काफी चर्चा हुई और विवादों रहा, लेकिन जितनी तेजी से यह चर्चा में आया उतनी तेजी से यह लापता भी हो गया।

अपराध का गढ़ बना यूपी
प्रदेश में बेहतर कानून व्यवस्था को स्थापित करने का भाजपा सरकार ने दावा किया था, लेकिन योगी सरकार के सत्ता संभालते ही एक के बाद एक कई बड़ी हत्या, लूट, सांप्रदायिक हिंसा की घटनाएं सामने आई, जिसके चलते सरकार की काफी किरकिरी हुई। योगी सरकार के महज छह महीने के कार्यकाल में सहारनपुर में बड़ा दंगा भड़का। खुद योगी सरकार के मंत्री सुरेश खन्ना ने सदन में बताया कि 9 मई तक राज्य में कुल 729 हत्या, 803 रेप, 60 डकैती, 799 लूट और 2682 अपहरण की घटनाएं हुईं। साथ ही उन्होंने बताया कि पिछले छह महीने में पुलिस ने 420 एनकाउंटर किए जिसमे 15 बदमाश ढेर हुए, 84 घायल हुए और 1106 गिरफ्तार हुए।
कर्जमाफी के नाम पर किसानों से मजाक
यूपी में चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश के किसानों का कर्ज माफ करने का वायदा किया था। हालांकि सरकार बनने के बाद योगी सरकार ने किसानों का एक लाख रुपए तक का कर्ज माफ करने का ऐलान किया और इसके लिए बकायदा बजट भी आवंटित किया गया। लेकिन जिस तरह से पहले पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि केंद्र इसका खर्च वहन नहीं करेगा, फिर कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य यूपी सरकार इसपर जल्द फैसला लेगी, उसे देखते हुए स्थिति काफी भ्रामक बन गई थी। लेकिन कर्ज माफी की प्रक्रिया शुरू हुई और 9 पैसे, 20 पैसे, 18 पैसे का कर्ज किसानों का माफ किया गया और उन्हें सर्टिफिकेट दिया गया उसने सरकार की खूब किरकिरी कराई।

बिजली मुहैया कराने में चित्त
योगी सरकार ने प्रदेश के हर जिले को 24 घंटे बिजली मुहैया कराने का वायदा किया था, चुनावी भाषण में कहा गया था कि जिला मुख्यालयों को 24 घंटे बिजली दी जाएगी, जबकि तहसो को 20 व गांवों को 18 घंटे बिजल दी जाएगी। लेकिन आमल यह है कि प्रदेशभर के लोगों को बिजली कटौती की समस्या से गुजरना पड़ रहा है। आलम यह है कि कई जिले ऐसे हैं जहां 10-10 घंटे बिजली नहीं आती है, गोरखपुर से ही सटे महाराजगंज और नौतनवा में लोग बिजली की भारी किल्लत से जूझ रहे हैं।
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