साले की हत्या में जेल गया जीजा बाहर आया, बहनोई ने पत्थर से सिर कूचकर मार डाला
उन्नाव। कानपुर से सटे गंगा घाट कोतवाली के मोहल्ला गांधीनगर में हिस्ट्रीशीटर नारायण सोनी की उसके बहनोई ने परिवारीजनों के साथ मिलकर हत्या कर दी। पुलिस ने इस हत्या का खुलासा करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है। नारायण सोनी (40) की बुधवार शाम शराब के नशे में अपने बहनोई सतीश के दामाद से मारपीट हुई थी।

मृतक की बहन मंजू ने बताया था कि उसका भाई नारायण अक्सर गाली-गलौज करके पैसे लेकर चला जाता था। उसके अत्याचार से परेशान बहनोई सतीश सोनी ने परिवार के साथ मिलकर गुरुवार सुबह आए नारायण को बेल्ट से पीटने के बाद एक बड़े पत्थर से सिर कुचलकर उसकी हत्या कर दी।
दिनदहाड़े हुई हत्या से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सूचना पाकर मौके पर पुलिस अधीक्षक पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। परिजनों से बातचीत की और मिली जानकारी के आधार पर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम बनाई थी। गौरतलब है नारायण सोनी ने 12 साल पहले अपने साले की हत्या की थी। जिसका वह सजायाफ्ता अपराधी है और उसे आजीवन कारावास हुई है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि नारायण सोनी जमानत पर आया है। जिसकी उसके सगे बहनोई ने हत्या कर दी।
पुलिस अधीक्षक एमपी वर्मा ने बताया कि मृतक पुत्र मोहन सोनी की तहरीर पर गंगा घाट कोतवाली पुलिस ने सतीश सोनी पुत्र शांति स्वरूप निवासी शिखर शिक्षा सदन के निकट कोतवाली गंगा घाट, राम जाने उर्फ विकास सोनी पुत्र स्वर्गीय संतोष सोनी निवासी जगनी खेड़ा शुक्लागंज थाना गंगाघाट को नामजद किया गया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जिनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त आला कत्ल पत्थर व कपड़े भी बरामद कर लिया।हत्या के कारण के विषय में पुलिस अधीक्षक एमपी वर्मा ने बताया कि अभियुक्त सतीश सोनी द्वारा अपनी पुत्री की शादी सह अभियुक्त रामजाने से तय किया था। रामजाने मृत्तक नारायण सोनी के साढू का पुत्र है। जिसके कारण नारायण सोनी शादी का विरोध कर रहा था। विरोध इतना बड़ा कि सतीश व रामजाने ने मिलकर नारायण सोनी की हत्या कर दी।












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