जो सामने आया उसपर अटैक! खौफ ऐसा कि तेंदुए का रेस्क्यू करने के लिए बुलाने पड़े 100 जवान और दो हाथी
Bandhavgarh Tiger Reserve: मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में वन विभाग की टीम ने कड़ी मश्क्कत के बाद तेंदुए को पकड़ लिया। तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग के 100 कर्मचारी और दो हाथी लगे हुए थे। तेंदुए को पकड़कर पिंजरे में बंद कर दिया गया है। पकड़ने के दौरान पांच लोग घायल हो गए हैं।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में एक खूंखार तेंदुए ने 4 लोगों को घायल कर दिया था। इस खूंखार तेंदुए का रेस्क्यू के लिए वन विभाग ने 48 घंटे तक कड़ी मशक्कत की। आखिरकार तेंदुए को पिंजरे में कैद कर लिया गया, लेकिन इस दौरान 5 और लोग भी घायल हो गए हैं।

दरअसल, मानपुर बफर रेंज के हिरौली और कुदरी गांव में एक तेंदुए ने 4 लोगों पर हमला कर घायल कर दिया था। ग्रामीणों में दहशत फैल गई और उन्होंने वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने की मांग की थी। तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीमने अभियान शुरू किया। पुलिस और वन विभाग की टीम ने 48 घंटे तक हाथियों के साथ जंगल में डेरा डाले रखा। कई जगह पिंजरे लगाए गए, लेकिन तेंदुआ शातिर निकला और वह किसी भी जाल में नहीं फंसा।
शनिवारकी सुबह एक बार फिर वन विभाग की टीम ने तेंदुए की तलाश शुरू की। 100 से ज़्यादा लोग और दो हाथी इस अभियान में शामिल किए गए थे। शाम को तेंदुआ एक बार फिर दिखाई दिया और उसने ग्रामीणों पर हमला कर दिया। इस बार उसने कई लोगों को घायल कर दिया, जिनमें से 3 वन विभाग के कर्मचारी और 2 ग्रामीण भी शामिल थे।
हालांकि, सभी लोग हिम्मत से डटे रहे और आखिरकार तेंदुए को खोहरी गांव के पास बरैयाडांड़ जंगल से पकड़ लिया गया। तेंदुए को पकड़ने में वन विभाग के कर्मचारियों और ग्रामीणों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
इस हमले के बाद ग्रामीणों में अभी भी दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगल से सटे क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि पार्क एरिया के चारों तरफ चैन लिंक फेंसिंग कर दी जाए तो ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।
बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व के उप संचालक प्रकाश कुमार वर्मा के जानकारी मुताबिक पकड़ा गया तेंदुआ एक मादा है और उसकी उम्र करीब डेढ़ वर्षकी है। फिलहाल उसे ताला कैम्प में रखा गया है। यहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है।












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