Mahakal दरबार में उमा-सांझी महोत्सव, क्या है इसका धार्मिक महत्व, जानिए?
(संवाद सूत्र- उज्जैन से विमल बैंडवाल)
धार्मिक नगरी उज्जैन में स्थित महाकालेश्वर मंदिर में घट स्थापना के साथ उमा सांझी महोत्सव की शुरुआत हो चुकी है। यह महोत्सव पांच दिन तक धूमधाम से मनाया जाएगा। इस दौरान कई आयोजन होंगे।
उज्जैन में विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग बाबा महाकाल की पूजन परंपरा में अश्विन कृष्ण एकादशी से अमावस्या तक पांच दिन उमा सांझी उत्सव मनाए जाने की भी परंपरा है, जिसकी शुरुआत महाकाल मंदिर में हो चुकी है।

कुछ ऐसी है महोत्सव की तैयारी
श्री महाकालेश्वर मंदिर में प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी उमा सांझी महोत्सव के आयोजन के क्रम में सुबह नौ बजे शासकीय पुजारी घनश्याम गुरु के आचार्यत्व में घट स्थापना एवं उमा माताजी का पूजन संपन्न हुआ। उमा माता की आरती तथा शिलापूजन व स्वातिक अंकन पंडित घनश्याम गुरु ने किया। इस दौरान मंदिर के पुजारीगण, पुरोहितगण, अधिकारी, कर्मचारी और श्रद्धालु सम्मिलित हुए। मंदिर के पंडित घनश्याम गुरु ने बताया कि पुजारी और पुरोहित रोजाना रंगोली के रंग से किलाकोट, रंगमहल, शीशमहल आदि की सांझी बनाएंगे। धार्मिक झांकिया सजाई जाएंगी। मंदिर परिसर में शाम 7.30 बजे से रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। लोक कलाकार कला त्रिवेणी से सजी प्रस्तुति देंगे। मंदिर समिति द्वारा कलामंच पर प्रस्तुति देने के लिए लोक कलाकारों का चयन किया गया है।
यह कलाकार देंगे प्रस्तुति
10 अक्टूबर को प्रथम सांस्कृतिक सांझ विशाल वाकणकर, अंकिता गीते तथा कल्याणी सुगंधी का समूह गायन होगा। रामचंद्र चौहान तबला वादन की प्रस्तुति देंगे। मयूरी डोड के निर्देशन में कलाकार समूह लोकनृत्य की प्रस्तुति देंगे। सांस्कृतिक सांझ माधुरी बर्वे का गायन होगा। परमानंद गंधर्व के निर्देशन में कलाकार समूह तबलावादन की प्रस्तुति देंगे। सानिका साठे व ईशानी भट्ट का युगल नृत्य होगा। 12 अक्टूबर को तृतीय सांस्कृतिक सांझ शिवक नृत्य कला केंद्र के मयंक शर्मा के निर्देशन में कलाकार समूह लोकनृत्य की प्रस्तुति देंगे, प्रियांशी नायमा का उपशास्त्रीय गायन होगा। सुरभि अंशुल पोरवाल व साथी कलाकार समूह नृत्य की प्रस्तुति देंगे।
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