Ujjain News: बेटे ने अपनी चमड़ी से मां के लिए बनवाई चप्पल, रामायण ने बदला जीवन
धार्मिक नगरी उज्जैन में वैसे तो अलग-अलग तरह के मामले समय-समय पर सामने आते हैं, लेकिन अब की बार एक ऐसा मामला उज्जैन से निकलकर सामने आया है, जिसने सभी को हैरान कर दिया. यहां रहने वाले एक बेटे ने अपनी मां के लिए अपनी जांघ की चमड़ी से चप्पल बनवाई है। वहीं अब बेटे की मातृभक्ति की जमकर सराहना हो रही है।
कलयुग में जहां एक ओर बेटे और बेटी अपनी खुशियों के लिए माता-पिता को खुद से दूर कर देते हैं, तो वहीं उज्जैन में कलयुग के श्रवण कुमार ने एक अनोखी पहल करते हुए युवाओं को मातृभक्ति का अनुपम उदाहरण दिया है, जहां बेटे ने अपनी जांघ की चमड़ी से मां के लिए चप्पल बनवा है।

कुछ ऐसा है मामला
धार्मिक नगरी उज्जैन के ढांचा भवन क्षेत्र में रहने वाले रौनक गुर्जर रोजाना रामायण का पाठ करते हैं, जहां लगातार रामायण का पाठ करने के बाद रौनक का जीवन अब पूरी तरह से बदलने लगा है। रामायण से रौनक को एक ऐसी प्रेरणा मिली, जिससे उन्होंने अपनी जांघ की चमड़ी से अपनी मां के लिए चप्पल बनवा दी। रौनक गुर्जर बताते हैं कि, पिछले दिनों उन्होंने एक सर्जरी करवा कर अपनी जांघ की चमड़ी निकलवाई है। वहीं उस चमड़ी से रौनक ने मां के लिए चप्पल बनवाई हैं। अब रौनक की इस मातृ भक्ति की खूब सराहना हो रही है।
रोजाना रामायण का पाठ करते हैं
उज्जैन में हिस्ट्रीशीटर रहे रौनक गुर्जर को कुछ दिनों पहले एक मामले में पुलिस ने आरोपी बनाया था, तब पुलिस ने रौनक के पैर में गोली भी मारी थी। वहीं अब रौनक अपराध की दुनिया से दूर होकर भक्ति की दुनिया में लीन हो गए हैं, जहां वे रोजाना रामायण का पाठ करते हैं, तो वहीं धार्मिक गतिविधियों में व्यस्त रहने की कोशिश करते हैं। रौनक की माने तो उन्हें यह सब कुछ करने की प्रेरणा भी रामायण से ही मिली है, जहां वे रोजाना रामायण का पाठ करते हैं। संभवत: मध्य प्रदेश का यह पहला ऐसा मामला है, जब किसी व्यक्ति ने अपनी चमड़ी से चप्पल बनवाकर अपनी मां को भेंट की है।
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