Holi 2024: होलिका दहन पर भद्रा का साया, कितनी बजे पूजन करना श्रेष्ठ रहेगा, जानिए

Holi का पर्व नजदिक है, ऐसे में होलिका दहन के बाद देशभर में धुलंडी का पर्व उत्साह के साथ मनाया जाता है। वहीं अबकी बार भी होली का पर्व उत्साह से मनाने की तैयारियां जारी हैं। अबकी बार होलिका दहन पर भद्रा का साया मंडरा रहा है, इसी के चलते होलिका दहन के मुहूर्त को लेकर असमंजस की स्थिति नजर आ रही है। धर्म और संस्कृति के शहर इंदौर के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य रामचंद्र शर्मा वैदिक ने होलिका दहन का शुभ मुहूर्त बताया है।

धुलंडी से एक दिन पहले मनाए जाने वाले होलिका दहन पर्व पर सूर्यास्त के बाद से होलिका दहन का सिलसिला शुरू हो जाता है, जो धुलंडी के दिन सुबह तक चलता है, लेकिन अबकी बार होलिका दहन पर भद्रा का साया मंडरा रहा है, जिसके चलते होलिका दहन रविवार की शाम से शुरू ना होकर रविवार की देर रात से शुरू होगा।

Indore

प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य रामचंद्र शर्मा वैदिक की माने तो होलिका दहन पर इस वर्ष भद्रा का साया है, भद्रा प्रात 9 बजकर 56 मिनट से रात्रि 11 बजकर 14 मिनट तक रहेगी, भद्रा के बाद ही होलिका दहन हो सकेगा. इसी के चलते रविवार को होलिका दहन भद्रा की समाप्ति के बाद 11 बजकर 14 मिनट से 12 बजकर 20 मिनट तक होलिका दहन किया जा सकता है।

आचार्य रामचंद्र शर्मा वैदिक बताते हैं की, होलिका की पूजा प्रदोष काल में सूर्यास्त के बाद 2 घंटे 24 मिनट तक कर सकते हैं, लेकिन होलिका दहन भद्रा की समाप्ति के बाद करना ही शुभ रहेगा। भद्रा काल में होलिका दहन करने से प्रजा का अनिष्ट होता है। प्रजा की हानि होती है। इसलिए भद्रा काल में होलिका दहन करने से बचना चाहिए।

बहरहाल, जहां एक ओर देश भर में होली पर्व को लेकर तैयारियों का सिलसिला जारी है, तो वहीं होली के पर्व पर होलिका दहन के मुहूर्त को लेकर असमंजस की स्थिति नजर आ रही है।

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