Sawan 2023: प्रजा का हाल जानने निकलेंगे महाकाल, कहां कैसी रहेगी व्यवस्था, जानिए?
धार्मिक नगरी उज्जैन में कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम व पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने प्रशासनिक अमले के साथ रविवार को सवारी मार्ग का निरीक्षण किया। सोमवार 10 जुलाई को भगवान महाकालेश्वर की निकलने वाली प्रथम सवारी की रविवार को मॉकड्रील की गई तथा व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।
कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने निरीक्षण के दौरान कहा कि, सवारी की सभी तैयारियां पूर्ण हो गई हैं। सभी व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर लिया गया है। जो भी छोटे-मोटे कार्य हैं, उन्हें रविवार रात्रि तक पूर्ण कर लिया जायेगा। श्रद्धालुओं की मॉनीटरिंग कैमरे से की जा रही है।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा का विशेष ध्यान
प्रशासन की पहली प्राथमिकता श्रद्धालुओं की सुरक्षा की रहेगी। विभिन्न घाटों पर सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। यहां होमगार्ड और एसडीईआरएफ के जवान तैनात रहेंगे। भगवान महाकालेश्वर की पहली सवारी धूमधाम से निकाली जायेगी। इसमें भजन मण्डलियों की संख्या सीमित की जायेगी। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि, बेरिकेटिंग का कार्य दिन में शुरू करने का प्रयास किया जायेगा, ताकि स्थानीय जनता और श्रद्धालुओं को असुविधा न हो। सुरक्षा की दृष्टि से जितने भी बिन्दु हैं, वहां पर्याप्त इंतजाम किये गये हैं। सवारी की व्यवस्था में लगभग 700 पुलिस के जवान तैनात रहेंगे। इसके अतिरिक्त 350 वॉलेंटियर्स भी रहेंगे। अधिकारियों द्वारा गोपाल मन्दिर परिसर में बनाये जाने वाले कंट्रोल रूम का अवलोकन किया गया। हरसिद्धि से चारधाम मन्दिर के रास्ते पर जहां खुदाई का कार्य चल रहा है, वहां पर्याप्त बेरिकेट्स लगाने के निर्देश कलेक्टर द्वारा दिये गये।
सवारी को लेकर भक्तों में उत्साह
सावन और भादौ मास के प्रत्येक सोमवार को बाबा महाकाल नगर भ्रमण पर निकलते हैं, जहां वे अपनी प्रजा का हाल जानते हैं। चांदी की पालकी में सवार होकर जैसे ही बाबा महाकाल मंदिर परिसर से बाहर निकलते हैं, वैसे ही श्रद्धालुओं में अलग उत्साह देखने मिलता है। यही कारण है कि, बाबा महाकाल की सवारी के दर्शन करने श्रद्धालु दूर-दूर से धार्मिक नगरी उज्जैन पहुंचते हैं।
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