ujjain News: बड़नगर के सेमलिया में NDRF की टीम ने बाढ़ में फंसी गर्भवती महिला का हेलीकॉप्टर से किया रेस्क्यू
ujjain badnagar News: महाकाल की नगरी उज्जैन के बड़नगर में भारी बारिश के बाद बाढ़ में फंसे सेमलिया गांव के ग्रामीणों को हेलीकॉप्टर की सहायता से सुरक्षित निकाला गया। रेस्क्यू टीम ने सबसे पहले गर्भवती महिला को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद बाढ़ में फंसे अन्य ग्रामीणों को निकालने का सिलसिला जारी है।
बता दे मूसलाधार बारिश के चलते इंदौर-उज्जैन के आसपास की ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति निर्मित हो गई है। बड़नगर तहलील के सेमलिया गांव में बाढ़ के पानी के कारण कुछ लोग बांढ़ में फंस गए थे। जिसके बाद सेना के हेलीकॉप्टर की मदद ली गई और ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने का काम किया जा रहा है।

कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने जानकारी देते हुए बताया कि बड़नगर के ग्राम सेमलिया में ना तो नव पूछ सकती थी और ना ही कोई अन्य साधन के जरिए बाढ़ में फंसे लोगों को निकाला जा सकता था, इसलिए हेलीकॉप्टर की मदद ली गई और रेस्क्यू की ऑपरेशन किया गया। सभी को सुरक्षित निकाल लिया गया है।
बता दे सेमलिया गांव में जल भराव होने के कारण यह स्थान टापू बन गया था और यहां 5 किलोमीटर तक पहुंचाने का कोई साधन नहीं था। क्योंकि आसपास नदी है। जैसे ही कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम को यह सूचना मिली कि एक गर्भवती महिला और अन्य ग्रामीण बाढ़ के पानी में फंसे हुए उन्होंने तुरंत वायु सेना का MI17V5 हेलीकॉप्टर बुलाने की मांगवाया।
बता दे भारी बारिश से जल भराव के कारण सिमलिया गांव में एक बड़ा टापू बन गया, जिसमें कई घर और ग्रामीण लोग फंसे हुए थे। इस स्थिति को देखते हुए कलेक्टर कुमार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हेलीकॉप्टर का सहारा लिया है। बाढ़ में फंसे ग्रामीणों को हेलीकॉप्टर के जरिए निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
बता दे एमपी के उज्जैन जिले में भारी बारिश का दौर विगत तीन दिनों से जारी है। भारी बारिश के कारण उज्जैन की शिप्रा नदी का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है उज्जैन के अंतर्गत आने वाली नागदा, तराना, खाचरोद, बड़नगर, महिदपुर के साथ-साथ उज्जैन शहर की कई निचली बस्तियों में पानी घुस आया है। जहां लोगों को इन निचली बस्तियों से निकालने का काम NDRF की टीम कर रही है। वहीं जिला प्रशासन और महाकालेश्वर मंदिर समिति की ओर से जरूरतमंद लोगों को लगातार भोजन के पैकेट वितरित किए जा रहे हैं और उन्हें धर्मशालाओं में अस्थाई रूप से ठहराया जा रहा है। बड़नगर नागदा सहित कई जगहों के रास्ते शिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ने से बंद है।












Click it and Unblock the Notifications