VIDEO : राजस्थान में पुनर्जन्म! 4 साल की बच्ची किंजल का दावा, 'मैं थी ऊषा, 9 साल पहले जलने से हुई मौत'
राजसमंद 24 जनवरी। राजस्थान के राजसमंद जिले के नाथद्वारा के पास गांव परावल में रतनसिंह चूंडावत की चार वर्षीय बेटी किंजल के पुनर्जन्म की कहानी सुर्खियों में है। दावा किया जा रहा है कि रतनसिंह चूंडावत की बेटी किंजल के पुनर्जन्म की कहानी राजसमंद के पिपलांत्री गांव की ऊषा नाम की महिला से जुड़ी है। नौ साल पहले ऊषा की जलने से मौत हो गई थी। किंजल और ऊषा के गांव के बीच 30 किलोमीटर की दूरी है।

बार-बार अपने भाई से मिलने की जिद
दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के अनुसार किंजल के पिता रतनसिंह चूंडावत एक होटल में काम करते हैं। उनकी बेटी ने जब से बोलना शुरू किया वह बार-बार अपने भाई से मिलने की बात कहती थी। परिजनों ने इस पर खास ध्यान नहीं दिया, मगर दो माह पहले किंजल की मां दुर्गा ने उसे पिता को बुलाने को कहा तो उसने जबाव दिया कि उसके पिता तो पिपलांत्री गांव में है।
किंजल का परिवार सन्न रह गया
पिता के गांव पिपलांत्री में होने का सुनकर किंजल का परिवार सन्न रह गया। मां दुर्गा व अन्य परिजनों ने किंजल से और बातें पूछी तो उसने बताया कि उसके मां-बाप गांव पिपलांत्री में रहते हैं। उसका नाम ऊषा है। नौ साल पहले जलने के कारण मौत हो गई थी। उसके परिवार में दो भाई-बहन हैं। पापा ट्रैक्टर चलाते हैं। पीहर पिपलांत्री और ससुराल ओडन में है।
डॉक्टर बोले बच्ची है सामान्य
दुर्गा ने बेटी की यह बात पति रतन सिंह को बताई तो वे किंजल को मंदिर और थान पर ले गए। उसे डॉक्टरों को भी दिखाया तो बच्ची को कोई समस्या नहीं थी। बच्ची सामान्य थी। बस वह बार-बार अपने पहले जन्म के परिवार से मिलने की जिद करने लगी।
ऊषा का भाई आया मिलने
किंजल के पुनर्जन्म की कहानी पूरे राजसमंद जिले में फैल गई और ऊषा के परिजनों तक भी पहुंची। इस पर ऊषा का भाई पंकज पिपलांत्री से गांव परावल पहुंचा। तब किंजल ने पंकज को पहचान लिया और उसे अपना भाई बताते हुए उसके पास जाकर रोने लगी। पंकज ने किंजल को मोबाइल पर मां व ऊषा की फोटो दिखाई जिसे उसने पहचान लिया।
14 जनवरी को पिपलांत्री पहुंची किंजल
मीडिया से बातचीत में ऊषा की मां गीता पालीवाल ने बताया कि जब 14 जनवरी को किंजल की मां दुर्गा, दादा व अन्य परिजन उसे लेकर हमारे घर आए तब किंजल ने उन महिलाओं से भी बात की, जिन्हें वो ऊषा के रूप में जानती थी। दोनों छोटी बेटी व बेटी से भी बात की।
घर पर लगे फूलों के बारे में पूछा
लोगों को आश्चर्य तो तब हुआ जब किंजल ने ऊषा के परिजनों से पूछा कि उनके घर पर जो फूल लगे हुए थे वो अब कहां हैं? जबकि परिजनों ने उन फूलों को सात-आठ साल पहले हटा दिया था।
किंजल में भी ऊषा जैसा बचपना
गीता पालिवाल ने बताया कि किंजल को देखकर ऐसा लगा कि वो उनकी बेटी ऊषा ही है। जबकि बेटी ऊषा 2013 में घर में काम करते वक्त गैस चूल्हे से झुलस गई थी। जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई थी। ऊषा के दो बच्चे भी हैं। परिजन बोले कि किंजल से बात करके ऐसा लगा 'मानों हम ऊषा से ही बात कर रहे हों। ऊषा भी बचपन में ऐसे ही बातें करती थी।'












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